home page

हंदवाड़ा में जल आपूर्ति बंद करना राजस्व वसूली अभियान का हिस्सा था: मंत्री जावेद राणा

 | 

जम्मू, 04 अप्रैल (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने शनिवार को विधानसभा में बताया कि हंदवाड़ा मंडल के कुछ हिस्सों में एक दिन के लिए जल आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद करना विभाग के राजस्व वसूली अभियान का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य वसूली में सुधार करना और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करना था। वह विधायक शेख खुर्शीद द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे।

मंत्री ने जोर देकर कहा कि निर्बाध जल आपूर्ति के लिए उपयोगकर्ता शुल्क का समय पर भुगतान बेहद जरूरी है और यह जनता व प्रशासन दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि विभाग ने पहले घर-घर अभियान चलाकर और स्थानीय मंचों के जरिए जागरूकता फैलाने की कोशिश की, लेकिन अंततः अंतिम उपाय के रूप में जल आपूर्ति बंद करने का कदम उठाया गया।

उन्होंने जानकारी दी कि इस कार्रवाई से मागम, नीलिपोरा और आसपास की कुछ बस्तियां प्रभावित हुईं, जहां राजस्व वसूली कम थी। हालांकि, 30 मार्च 2026 को जल आपूर्ति बहाल कर दी गई और इसके बाद से स्थिति सामान्य बनी हुई है।

मंत्री जावेद अहमद राणा ने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता पीने योग्य पानी का लाभ तो ले रहे हैं, लेकिन नियमित बिलिंग और बार-बार याद दिलाने के बावजूद बकाया राशि का भुगतान नहीं कर रहे हैं।

इस दौरान मंत्री ने यह भी बताया कि ट्रांसफार्मर और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) उपकरणों की चोरी के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों के पास एफआईआर दर्ज कराई गई है। वह विधायक देवयानी राणा के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का भी जवाब दे रहे थे।

सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

मंत्री ने बताया कि जल शक्ति (पीएचई) विभाग जल जीवन मिशन के तहत बड़े पैमाने पर जल आपूर्ति अवसंरचना का विकास कर रहा है। इसके अंतर्गत जम्मू-कश्मीर में 3,253 योजनाएं निर्माणाधीन हैं या पूरी हो चुकी हैं, जबकि पहले से मौजूद कई योजनाएं भी सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के व्यापक विस्तार को देखते हुए नियमित निगरानी और उपलब्ध मानव संसाधनों के माध्यम से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। अधिकांश योजनाएं अभी कार्यान्वयन के चरण में हैं, इसलिए इनके पूर्ण होने तक इनकी जिम्मेदारी संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों के पास रहेगी।

मंत्री ने यह भी बताया कि विभाग ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दे रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर लोगों में स्वामित्व की भावना विकसित हो और योजनाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा सके।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह