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जम्मू-कश्मीर में 93.39 प्रतिशत राजस्व अभिलेखों का हुआ डिजिटलीकरण

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जम्मू, 13 मई (हि.स.)। जम्मू और कश्मीर सरकार ने राजस्व अभिलेखों के डिजिटलीकरण में 93.39 प्रतिशत प्रगति हासिल कर ली है और केंद्र शासित प्रदेश में 64 लाख से अधिक ऐसे अभिलेखों को मंजूरी दी जा चुकी है।

सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कुल 68,59,915 खसरा (राजस्व अभिलेख) में से 64,06,641 खसरा को मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि 3,04,549 मामले निर्माता स्तर पर, 1,10,587 मामले जांचकर्ताओं के पास और 38,138 मामले अनुमोदक स्तर पर लंबित हैं। सरकार ने 26 दिसंबर, 2025 को त्रुटियों के सुधार, लंबित उत्परिवर्तनों की प्रविष्टि, सार्वजनिक सत्यापन और जमाबंदियों को अंतिम रूप से फ्रीज करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए थे। संभागीय आयुक्तों और वित्तीय आयुक्त (राजस्व) की देखरेख में एक निगरानी तंत्र के माध्यम से प्रक्रिया को प्रतिदिन अद्यतन किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार रामबन, शोपियां और गांदरबल जिलों में 100 प्रतिशत प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, सभी खसरा स्वीकृत हो चुके हैं और कोई भी मामला लंबित नहीं है।

आंकड़ों में बताया गया है कि श्रीनगर में 2,58,221 खसराओं में से 2,58,135 स्वीकृत हो चुके हैं, केवल 78 मामले निर्माता स्तर पर और पांच जांचकर्ताओं के पास लंबित हैं जिससे प्रक्रिया पूरी होने की दर 99.97 प्रतिशत हो गई है। आंकड़ों के अनुसार बडगाम में 4,83,998 खसराओं में से 4,83,790 स्वीकृत होने के साथ 99.96 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है जबकि पुंछ में 2,27,932 स्वीकृतियों के साथ 99.95 प्रतिशत प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 117 मामले विभिन्न चरणों में लंबित हैं। उधमपुर में 99.73 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है जहां 3,48,812 खसरा स्वीकृत किए गए हैं और 951 मामले निर्माताओं के पास लंबित हैं।

कठुआ में 99.25 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है जहां 4,50,289 खसरा स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 3,337 मामले अनुमोदक स्तर पर लंबित हैं। कुपवाडा में 99.13 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है जहां 5,41,337 खसरा स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 1,210 मामले निर्माताओं के पास, 1,595 जांचकर्ताओं के पास और 1,941 अनुमोदकों के पास लंबित हैं। सांबा में 99.06 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, जहां 2,70,203 खसरा स्वीकृत किए गए हैं और 2,553 मामले विभिन्न चरणों में लंबित हैं।

राजौरी में 98.79 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है, जहां 3,20,466 खसरा स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 3,915 मामले लंबित हैं। खसरा की संख्या के मामले में सबसे बड़े जिलों में से एक बारामूला में 98.70 प्रतिशत खसरा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें 6,69,193 स्वीकृतियां और 8,846 मामले विभिन्न चरणों में लंबित हैं। बांदीपोरा में 98.61 प्रतिशत प्रगति हुई है, जहां 1,90,592 खसरा स्वीकृत किए गए हैं, जबकि कुलगाम में 98.58 प्रतिशत प्रक्रिया पूरी हुई है, जहां 2,17,353 मामले स्वीकृत किए गए हैं।

किश्तवाड में 94.11 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई, जहां 1,73,167 खसरा स्वीकृत किए गए और 10,839 मामले लंबित हैं। जम्मू जिले में जहां सबसे अधिक 8,26,563 खसरा हैं, 91.64 प्रतिशत प्रगति हासिल की गई, जहां 7,57,434 खसरा स्वीकृत किए गए, जबकि 69,000 से अधिक मामले विभिन्न चरणों में लंबित हैं। डोडा में 84.58 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई जहां 2,29,832 खसरा स्वीकृत किए गए और 41,897 मामले लंबित हैं। पुलवामा में 80.54 प्रतिशत प्रगति हासिल की गई, जहां 3,71,156 खसरा स्वीकृत किए गए, जबकि 89,683 मामले लंबित हैं।

अनंतनाग में 74.65 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है, जहां 3,61,685 स्वीकृतियां दी गई हैं और विभिन्न स्तरों पर 1.22 लाख से अधिक मामले लंबित हैं। रियासी में सबसे कम प्रगति 39.38 प्रतिशत दर्ज की गई है, जहां 1,45,645 खसराओं में से केवल 57,357 स्वीकृतियां दी गई हैं, जबकि 88,000 से अधिक मामले अभी भी लंबित हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता