जम्मू-कश्मीर में राशन वितरण के लिए फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य करने के फैसले का विरोध
जम्मू,, 29 अक्टूबर (हि.स.)।
जम्मू में फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन जम्मू-कश्मीर ने राशन वितरण के लिए आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन व्यवस्था को अनिवार्य किए जाने के फैसले पर गंभीर चिंता जताई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय गुप्ता और कार्यकारी अध्यक्ष संजय अबरोल की अगुवाई में जम्मू प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के नए निर्देशों पर सवाल उठाए गए। एसोसिएशन के अनुसार विभाग की ओर से 8 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के तहत नवंबर महीने से राशन वितरण के लिए फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल किया जाना है जबकि अंगूठे के निशान और ओटीपी के जरिए राशन लेने के विकल्प बंद किए जाने की बात कही गई है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत परिवार का केवल मुखिया यानी हेड ऑफ फैमिली ही फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए अपने परिवार का मासिक राशन प्राप्त कर सकेगा। परिवार के अन्य सदस्यों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि इस फैसले से खासकर बुजुर्ग, गंभीर बीमारी से पीड़ित और ऐसे परिवार प्रभावित हो सकते हैं जिनके मुखिया किसी कारण से राशन डिपो तक पहुंचने में असमर्थ हैं।
एसोसिएशन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में इंटरनेट नेटवर्क की समस्या पहले से बनी हुई है। ऐसे में केवल फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए राशन वितरण की व्यवस्था लागू होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उनका कहना है कि अगर नेटवर्क ठीक से काम नहीं करता या किसी कारण फेस ऑथेंटिकेशन नहीं हो पाता तो जरूरतमंद परिवारों को समय पर राशन मिलने में दिक्कत आ सकती है। इसी वजह से एसोसिएशन ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि फेस ऑथेंटिकेशन के साथ-साथ अंगूठे के निशान और ओटीपी की पुरानी व्यवस्था भी जारी रखी जाए।
वहीं फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन ने राशन डीलरों की आर्थिक स्थिति का मुद्दा भी उठाया। पदाधिकारियों का कहना है कि राशन वितरण में कमी आने से डीलरों की आमदनी प्रभावित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में कई राशन डीलर केवल छह से सात हजार रुपये महीने की कमाई पर अपना गुजारा कर रहे हैं। ऐसे में नई व्यवस्था लागू होने से उनकी आर्थिक परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
एसोसिएशन ने यह भी बताया कि राशन डीलरों के लिए केरल की तर्ज पर निश्चित मासिक आय की व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव पहले ही विभाग के सामने रखा जा चुका है लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने मांग की कि जम्मू-कश्मीर में भी राशन डीलरों के लिए निश्चित आय की नीति लागू की जाए ताकि छोटे राशन डिपो संचालकों की आजीविका सुरक्षित रह सके।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय गुप्ता और कार्यकारी अध्यक्ष संजय अबरोल ने विभाग से अपील की कि नई व्यवस्था को लागू करने से पहले राशन लेने वाले लोगों और डीलरों की परेशानियों को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने फेस ऑथेंटिकेशन के साथ अंगूठे के निशान और ओटीपी का विकल्प जारी रखने तथा डीलरों के लिए निश्चित आय की व्यवस्था लागू करने की मांग दोहराई।
फिलहाल एसोसिएशन ने विभाग से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की है। अब देखना होगा कि खाद्य आपूर्ति विभाग राशन डीलरों की इन मांगों पर क्या कदम उठाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता

