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राजकोषीय अनुशासन के अनुरूप प्रस्ताव प्रस्तुत करें विभाग: उमर अब्दुल्ला

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राजकोषीय अनुशासन के अनुरूप प्रस्ताव प्रस्तुत करें विभाग: उमर अब्दुल्ला


जम्मू, 21 जनवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राजकोषीय अनुशासन पर जोर देते हुए बुधवार को सभी विभागों को सरकार के विकास रोडमैप के अनुरूप सुव्यवस्थित और आवश्यकता-आधारित प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने लगातार दूसरे दिन आगामी बजट सत्र की तैयारियों के तहत विभिन्न विभागों के साथ गहन परामर्श किया। जम्मू-कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र 2 फरवरी से शुरू होने वाला है।

मुख्यमंत्री, जिनके पास वित्त मंत्रालय का भी प्रभार है, ने सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, लोक निर्माण विभाग (सड़कें एवं भवन), खनन, उद्योग एवं वाणिज्य तथा श्रम विभाग के साथ व्यापक विचार-विमर्श की अध्यक्षता की। बैठकों का उद्देश्य बजट प्राथमिकताओं, क्षेत्रीय आवश्यकताओं और विकास की अनिवार्यताओं का समग्र आकलन करना रहा।

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “विभागों को सरकार के विकास रोडमैप और राजकोषीय अनुशासन के अनुरूप सुव्यवस्थित, यथार्थवादी और आवश्यकता-आधारित प्रस्ताव प्रस्तुत करने चाहिए।” उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सभी विभाग परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, प्रशासनिक पारदर्शिता और कुशल सेवा वितरण को प्राथमिकता दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बजट में जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं का स्पष्ट प्रतिबिंब होना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बजट का फोकस समावेशी विकास, संतुलित क्षेत्रीय प्रगति और सतत आर्थिक विकास पर केंद्रित होना चाहिए, ताकि समाज के सभी वर्गों को इसका लाभ मिल सके।

बैठकों के दौरान उमर अब्दुल्ला ने क्षेत्रवार विकास की स्थिति, चल रही परियोजनाओं की प्रगति, बजट आवंटन के उपयोग और भविष्य की आवश्यकताओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने परिणामोन्मुखी और व्यावहारिक बजट तैयार करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सार्वजनिक धन का उपयोग उन प्राथमिक क्षेत्रों में किया जाना चाहिए, जो सीधे आम जनता के जीवन स्तर में सुधार लाते हों।

मुख्यमंत्री ने विभागों को जन-केंद्रित और प्रदर्शन-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश देते हुए कहा कि आगामी बजट में विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे का विस्तार, सड़क संपर्क में सुधार, औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री ने नौ प्रमुख विभागों के साथ बजट-पूर्व परामर्श प्रक्रिया की शुरुआत की थी। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि शेष विभागों के साथ यह परामर्श गुरुवार को संपन्न होगा।

प्रवक्ता के अनुसार, इन बजट-पूर्व परामर्शों का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के लिए एक व्यापक, विकासोन्मुखी, संतुलित और जनहितैषी बजट को अंतिम रूप देना है।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह