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जम्मू विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के 26 विद्यार्थियों ने अम्बफल्ला वृद्ध आश्रम का किया दौरा

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जम्मू, 13 अक्टूबर (हि.स.)।

जम्मू विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की ओर से मंगलवार को अम्बफल्ला स्थित वृद्ध आश्रम में शैक्षणिक भ्रमण एवं संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में एम.ए. मनोविज्ञान प्रथम सेमेस्टर के 26 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने भाग लिया और आश्रम में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के साथ समय बिताकर उनके जीवन के अनुभवों तथा भावनात्मक जरूरतों को समझने का प्रयास किया।

इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वृद्धावस्था, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य, सामाजिक देखभाल और बुजुर्गों की मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी देना था।

यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम का हिस्सा था जिसके माध्यम से उन्हें किताबी ज्ञान को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने का अवसर मिला।

कार्यक्रम में वृद्ध आश्रम के अध्यक्ष इंजीनियर पंकज गुप्ता, सचिव डॉ. दिनेश गुप्ता, प्रबंधन समिति के सदस्य सरदार राजिंदर सिंह और सतपाल शर्मा तथा चिकित्सा अधिकारी डॉ. भारत भूषण शर्मा उपस्थित रहे।

जम्मू विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की ओर से पीएचडी शोधार्थी एरम खान और विशाल कटोच ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन एम.ए. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा मनप्रीत कौर ने किया।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने वृद्ध आश्रम के निवासियों से बातचीत की और उनके दैनिक जीवन, अनुभवों, अकेलेपन तथा भावनात्मक जरूरतों के बारे में जानकारी हासिल की।

इस अवसर पर पेंटिंग, नृत्य, खेलकूद और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इनमें बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों के बीच आत्मीय संवाद से आश्रम में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष इंजीनियर पंकज गुप्ता ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक कल्याण संगठनों के बीच सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के साथ सीधे संवाद से विद्यार्थियों को वृद्धावस्था, अकेलेपन और भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में संवेदनशीलता, सहानुभूति और बुजुर्गों के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वृद्ध आश्रम की प्रबंधन समिति ने जम्मू विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों और उनके मार्गदर्शकों का आभार व्यक्त किया।

आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम विद्यार्थियों और आश्रम के निवासियों दोनों के लिए ज्ञानवर्धक और आनंददायक रहा। साथ ही इससे युवा पीढ़ी और वरिष्ठ नागरिकों के बीच आपसी जुड़ाव को बढ़ावा मिला।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता