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पुलिस ने सांबा जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित एक सीमा पुलिस चौकी पर व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया

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जम्मू, 09 सितंबर (हि.स.)। सीमा सुरक्षा और परिचालन तैयारियों को मजबूत करने की पहल के तहत जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बुधवार को सांबा जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित एक सीमा पुलिस चौकी पर व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया।

उन्होंने बताया कि इस अभ्यास में फिदायीन हमले या सशस्त्र हमले की स्थिति में अपनाई जाने वाली मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया। इस अभ्यास का नेतृत्व सांबा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने किया और इसमें सांबा के उप पुलिस अधीक्षक, विशेष अभियान समूह (एसओजी) और मावा सीमा पुलिस चौकी के प्रभारी ने भाग लिया।

अभ्यास के दौरान भाग लेने वाले कर्मियों को आपात स्थिति में उनकी भूमिकाओं के बारे में जानकारी दी गई जिसमें सीमा पुलिस चौकी पर तैनात संतरियों के कर्तव्य, संदिग्ध गतिविधि या हमले का पता चलने पर उनकी कार्रवाई और एलएमजी पोस्ट और संतरी की भूमिका शामिल थी। उन्होंने बताया कि कर्मियों को अलार्म सिस्टम को समय पर सक्रिय करने और समर्पित पुलिस कर्मियों द्वारा पूरे अभियान की तकनीकी निगरानी के बारे में भी जागरूक किया गया।

उन्होंने बताया कि सूचना को एसओजी, सांबा और जम्मू के पुलिस नियंत्रण कक्षों और आसपास के जिलों तक तत्काल पहुंचाने पर जोर दिया गया था। उन्होंने आगे बताया कि स्पष्ट दृश्यता सुनिश्चित करने के बाद कर्मियों को सुरक्षित और समन्वित आवागमन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई जिसमें वायरलेस संचार बनाए रखते हुए जोड़ी बनाकर आगे बढ़ना शामिल था। अभ्यास के समापन पर प्रतिक्रिया का आकलन करने और आगे सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने के लिए एक विस्तृत समीक्षा सत्र आयोजित किया गया।

उन्होंने बताया कि सांबा पुलिस ने सीमा पुलिस चौकी (बीपीपी) के अधिकार क्षेत्र में आने वाले गांवों के कृषि क्षेत्रों में स्थित जल पंप शेडों पर पीसीआर सांबा का संपर्क नंबर भी प्रदर्शित किया। उन्होंने आगे बताया कि इस पहल का उद्देश्य किसानों, निवासियों और आम जनता के अन्य सदस्यों के लिए पुलिस तक आसान पहुंच प्रदान करना है ताकि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि, हलचल या अज्ञात व्यक्ति को देखने पर तुरंत सूचना दे सकें। उन्होंने बताया कि इसी तरह के अभ्यास अन्य सीमा पुलिस चौकियों के अंतर्गत आने वाले अन्य गांवों में भी आयोजित किए जा रहे हैं।

सांबा एसएसपी अनुज कुमार ने दोहराया कि जन सहयोग एक प्रभावी सुरक्षा तंत्र का एक महत्वपूर्ण घटक है, विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में।

उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया जिससे समय पर सत्यापन और आवश्यक निवारक कार्रवाई संभव हो सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता