संस्कृत के पुनर्जागरण पर गहन मंथन
जम्मू, 05 जुलाई (हि.स.)। देववाणी संस्कृत के संरक्षण, संवर्द्धन और जन-जन तक उसके प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट, जम्मू के अध्यक्ष एवं राज्य पुरस्कार से सम्मानित महंत रोहित शास्त्री ने श्रीनगर स्थित कर्ण महल में महाराज डॉ. कर्ण सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच संस्कृत भाषा के पुनर्जागरण, भारतीय संस्कृति के संरक्षण तथा सनातन परंपराओं को मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि महाराज डॉ. कर्ण सिंह भारतीय संस्कृति, दर्शन और संस्कृत साहित्य के सशक्त संवाहक रहे हैं। उनका मार्गदर्शन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है तथा संस्कृत के पुनरुत्थान के प्रयासों को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करता है। इस अवसर पर उन्होंने ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का सेट भी महाराज डॉ. कर्ण सिंह को भेंट किया।
भेंट के दौरान महंत रोहित शास्त्री ने श्री रघुनाथ जी आरती संस्थान जम्मू द्वारा श्री रघुनाथ मंदिर में नियमित आरती प्रारंभ किए जाने को सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी पहल बताया। उन्होंने संस्थान की चेयरमैन कुंवारी डॉ. ऋतु सिंह के समर्पित नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें बधाई भी दी। महंत रोहित शास्त्री ने महाराज डॉ. कर्ण सिंह के निजी सचिव गंगाधर के सहयोग और समर्पण की भी प्रशंसा की तथा इसे संस्कृत और सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण बताया।
महाराज डॉ. कर्ण सिंह ने श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट द्वारा संस्कृत भाषा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए ट्रस्ट के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

