आईजीआर ने कोर्ट परिसर का किया दौरा, भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने पर जोर
जम्मू, 01 अप्रैल (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर में भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने की दिशा में अहम प्रगति दर्ज की गई है। अतिरिक्त महानिरीक्षक पंजीकरण (आईजीआर) आबिद हुसैन ने अतिरिक्त उपायुक्त बडगाम मेहराज-उद-दीन और सब-रजिस्ट्रार के साथ कोर्ट कॉम्प्लेक्स बडगाम का दौरा कर पुराने पंजीकरण रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन कार्य की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि अब तक लगभग 70 प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूरा किया जा चुका है। अधिकारियों ने शेष कार्य को तय समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया, ताकि सभी रिकॉर्ड को एकीकृत कर सुचारू सेवा सुनिश्चित की जा सके।
यह पहल डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (डीआईएलआरएमपी) के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड को केंद्रीकृत करना, संपत्ति विवादों को कम करना और लोगों को तेज, पारदर्शी व सुरक्षित सेवाएं प्रदान करना है। इसके तहत पिछले दो दशकों के रिकॉर्ड को राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज़ पंजीकरण प्रणाली (एनजीडीआरएस) पर अपलोड किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पहले संपत्ति पंजीकरण का कार्य न्यायपालिका के पास था लेकिन अब यह जिम्मेदारी पंजीकरण विभाग को सौंप दी गई है। ऐसे में पुराने रिकॉर्ड अभी भी अदालतों में मौजूद हैं जिन्हें डिजिटल करना जरूरी है। आईजीआर ने डिजिटाइजेशन प्रक्रिया में न्यायपालिका के सहयोग की सराहना की और निर्देश दिए कि शेष कार्य को निर्धारित समय में पूरा कर इस योजना के उद्देश्यों को पूर्ण रूप से साकार किया जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

