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कठुआ में शहीद अमरनाथ भगत को भावभीनी श्रद्धांजलि

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कठुआ में शहीद अमरनाथ भगत को भावभीनी श्रद्धांजलि


कठुआ, 01 जून (हि.स.)। कठुआ में शहीद अमरनाथ भगत की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर विधायक डॉ. भारत भूषण सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने एकत्र होकर महान समाज सुधारक और शहीद को नमन किया।

सभा में उपस्थित लोगों ने शहीद अमरनाथ भगत के उस ऐतिहासिक योगदान को याद किया जिसके माध्यम से उन्होंने जम्मू-कश्मीर में वंचित और कमजोर वर्गों को सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया। उनका जीवन समाज के लिए समर्पण और त्याग का अद्भुत उदाहरण रहा। शहीद अमरनाथ भगत का जन्म वर्ष 1928 में जिला रामबन के चम्पा गांव में हुआ था। बचपन से ही वे समाज सेवा के प्रति समर्पित थे और उन्होंने कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया। आजादी के बाद देश के अन्य हिस्सों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति को आरक्षण का लाभ मिल रहा था लेकिन जम्मू-कश्मीर में यह व्यवस्था वर्ष 1970 तक लागू नहीं हुई थी।

इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हुए अमरनाथ भगत ने विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के नेताओं के साथ मिलकर 1970 में एक व्यापक आंदोलन शुरू किया। जब सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो उन्होंने 21 मई 1970 को आमरण अनशन शुरू किया। अनशन के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और अंततः 1 जून 1970 को उन्होंने समाज के हक की लड़ाई लड़ते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनकी शहादत के बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में जनआक्रोश फैल गया जिसके दबाव में सरकार को अनुसूचित जाति जनजाति के लिए आरक्षण लागू करना पड़ा।

इस अवसर पर विधायक डॉ. भारत भूषण ने कहा कि शहीद अमरनाथ भगत का जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है। उपस्थित लोगों ने उन्हें “जम्मू-कश्मीर के अंबेडकर” के रूप में याद किया जिनके संघर्ष और बलिदान ने हजारों जरूरतमंद परिवारों को सशक्त बनाया। कार्यक्रम में डॉ. शिव कुमार (सेवानिवृत्त उपनिदेशक, भेड़ पालन), सरदार खान (सेवानिवृत्त एसपी), बाबू राम शर्मा (सेवानिवृत्त उपनिदेशक योजना), पी.सी. शर्मा, डॉ. केवल कृष्ण, ललित कंगला सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया