ढाई दिन की सैलरी और भर्ती नियम लागू करने की मांग को लेकर जीएमसी कठुआ में स्वास्थ्य कर्मियों का धरना
कठुआ, 25 मार्च (हि.स.)। ढाई दिन के वेतन सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर बुधवार को जीएमसी कठुआ परिसर में नॉन-गजेटेड स्वास्थ्य कर्मियों ने दो दिवसीय धरना प्रदर्शन कर जोरदार विरोध जताया। जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्रित हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने प्रतीकात्मक रूप से कामकाज बंद रखा, हालांकि इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी गईं ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। फेडरेशन के अध्यक्ष नीरज मलागर ने अकाउंट ऑफिसर से सीधे सवाल करते हुए कहा कि जिस आदेश के तहत कर्मचारियों की ढाई दिन की सैलरी रोकी गई है, उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने साथ ही लंबित भर्ती नियमों को तुरंत लागू करने की मांग भी उठाई।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में ढाई दिन की सैलरी बहाल करना और लंबे समय से लंबित भर्ती नियम लागू करना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि भर्ती नियम लागू न होने के कारण जम्मू संभाग के जीएमसी कॉलेजों में नई भर्तियां नहीं हो पा रही हैं जिससे न केवल नियुक्तियां रुकी हुई हैं बल्कि मौजूदा कर्मचारियों को वेतन वृद्धि और पदोन्नति से भी वंचित रहना पड़ रहा है। कर्मचारियों के अनुसार पांच जीएमसी कॉलेजों में करीब 3200 पद खाली पड़े हैं, जिनको भरने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है और आम जनता को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

