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पिया के नाम की मेहंदी से सजे हाथ, चांद के दीदार और पति की लंबी उम्र की कामना को लेकर महिलाओं में उत्साह

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पिया के नाम की मेहंदी से सजे हाथ, चांद के दीदार और पति की लंबी उम्र की कामना को लेकर महिलाओं में उत्साह


कठुआ, 28 अक्टूबर (हि.स.)। हथेलियों पर मेहंदी का रंग, दिल में पिया के नाम की उमंग और आंखों में चांद के दीदार का इंतजार।

करवाचाैथ से एक दिन पहले कठुआ शहर के बाजारों में कुछ ऐसा ही प्रेम और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

बुधवार को शहर की श्रृंगार की दुकानों और मेहंदी लगाने वालों के पास महिलाओं की भीड़ उमड़ी रही। सुहागिनें अपने हाथों और पैरों को खूबसूरत मेहंदी डिजाइनों से सजवाती नजर आईं। कहीं हथेलियों पर आकर्षक बेल-बूटे उकेरे जा रहे थे तो कहीं हाथों के बीचों बीच अपने पिया का नाम लिखवाकर महिलाएं इस पर्व को खास बनाने में जुटी थीं।

करवाचाैथ का पर्व सुहागिनों के लिए केवल व्रत का दिन नहीं बल्कि प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक भी है। यही वजह है कि इस पर्व से पहले मेहंदी लगवाने की परंपरा में महिलाओं का खास उत्साह देखने को मिलता है। शहर की दुकानों पर महिलाएं अपनी पसंद के नए और आकर्षक डिजाइन चुनती नजर आईं। किसी को बारीक फूल-पत्तियों वाली मेहंदी पसंद आई, तो किसी ने जालीनुमा डिजाइन और पारंपरिक आकृतियों को प्राथमिकता दी। कई महिलाएं दोनों हाथों पर मेहंदी लगवाने के साथ पैरों को भी सजाती दिखाई दीं। मेहंदी लगाने वालों के पास सुबह से ही महिलाओं का आना-जाना लगा रहा। महिलाएं अपनी बारी का इंतजार करती रहीं ताकि करवाचैथ के दिन उनकी हथेलियां मेहंदी के गहरे रंग से सजी नजर आएं। हाथों के बीच में पिया का नाम लिखवाने का अंदाज भी आकर्षण का केंद्र रहा। मानो मेहंदी की हर लकीर अपने प्रिय के प्रति प्रेम का संदेश दे रही हो।

करवाचाैथ के अवसर पर गुरुवार को सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की खुशहाली की कामना के साथ व्रत रखेंगी। परंपरा के अनुसार अनेक महिलाएं निर्जला व्रत रखकर शाम को पूजा-अर्चना करेंगी और चंद्रमा के दर्शन के बाद अर्घ्य देकर व्रत खोलेंगी। करवाचैथ को लेकर महिलाओं के उत्साह को बयां करती एक कहावत अक्सर सुनने को मिलती है “मेहंदी का रंग जितना गहरा, पिया का प्यार उतना गहरा।” इसी प्यार और विश्वास के साथ सुहागिनें अपने हाथों पर मेहंदी सजाकर पर्व की तैयारियों में जुटी हैं। बाजारों की रौनक, श्रृंगार की दुकानों पर चहल-पहल और हथेलियों पर उभरते पिया के नाम ने कठुआ शहर को करवाचैथ के रंग में रंग दिया है। अब महिलाओं को गुरुवार की शाम और चांद के दीदार का इंतजार है, जब प्रेम, आस्था और परंपरा के संग करवाचैथ का पर्व मनाया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया