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सरकार ने कोषागारों को रॉयल्टी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट के बिना भुगतान न करने का दिया आदेश

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जम्मू, 05 मार्च (हि.स.)। जम्मू और कश्मीर के भूविज्ञान एवं खनन निदेशालय ने केंद्र शासित प्रदेश के सभी कोषागारों को निर्देश दिया है कि विकास कार्यों में शामिल ठेकेदारों या कार्यकारी एजेंसियों को वैध रॉयल्टी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (आरसीसी) प्रस्तुत किए बिना भुगतान न किया जाए।

जम्मू और कश्मीर राज्य परिषद के भूविज्ञान एवं खनन निदेशक एस.पी. रुकवाल द्वारा जारी एक आधिकारिक सूचना के अनुसार यह निर्देश वित्त विभाग के लेखा एवं कोषागार निदेशक को भेज दिया गया है। यह आदेश 27 फरवरी, 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में जारी निर्देशों के बाद आया है। पत्र में कहा गया है कि एनएचएआई, पीएमजीएसवाई, पीडब्ल्यूडी (आर एंड बी), आई एंड एफसी, बीआरओ/जीआरईएफ, जल शक्ति विभाग, एनएचआईडीसीएल, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और केआरसीएल सहित कई विभागों और एजेंसियों को पहले ही निर्देश दिया जा चुका है कि वे लघु खनिजों के उपभोग से संबंधित कार्यों के लिए किसी भी फर्म या ठेकेदार को तब तक भुगतान जारी न करें जब तक कि भूविज्ञान एवं खनन विभाग से आरसीसी प्राप्त न हो जाए।

निदेशालय ने अब वित्त विभाग से अनुरोध किया है कि वह जम्मू और कश्मीर के सभी कोषागारों को आवश्यक निर्देश जारी करे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अनिवार्य रॉयल्टी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट के बिना किसी भी एजेंसी या ठेकेदार के पक्ष में कोई भी भुगतान संसाधित न किया जाए। इस कदम का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में विकास परियोजनाओं में लघु खनिज निष्कर्षण और रॉयल्टी अनुपालन का उचित विनियमन सुनिश्चित करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता