राज्य का दर्जा न होने पर भी सरकार भूमि और ज़िलों से संबंधित कानून बना सकती है: महबूबा मुफ्ती
जम्मू 30 मार्च (हि.स.)। महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि राज्य का दर्जा न होने पर भी महत्वपूर्ण कानून बनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश सरकार को दिहाड़ी मजदूरों, नए प्रशासनिक मंडलों और ज़िलों के गठन तथा भूमि अधिकारों से संबंधित विधेयक पारित करने का अधिकार है।
जम्मू में पत्रकारों से बात करते हुए पीडीपी प्रमुख ने बताया कि सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह अपने वादों को पूरा करे, विशेष रूप से एक लाख युवाओं को रोज़गार दे और आरक्षण को तर्कसंगत बनाए। उन्होंने दिहाड़ी मजदूरों से संबंधित मौजूदा प्रावधानों की नए सिरे से समीक्षा करने का आह्वान किया और राजनीतिक विचारों के बिना मानवीय आधार पर उनके नियमितीकरण की अपील की। उन्होंने एसआरओ से संबंधित मुद्दों का भी जिक्र किया और कहा कि श्रमिकों की लंबे समय से लंबित चिंताओं को दूर करने के लिए इस मामले पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
मध्य पूर्व में जारी तनाव पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान बलिदान की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल के सैनिकों में लड़ने की इच्छाशक्ति की कमी है जबकि ईरानी दृढ़ संकल्पित हैं और सफलता के प्रति आश्वस्त हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

