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अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर जीएमसी कठुआ में ब्लैक डे, सर्विस रूल की मांग को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों का विरोध तेज

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अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर जीएमसी कठुआ में ब्लैक डे, सर्विस रूल की मांग को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों का विरोध तेज


कठुआ, 12 मई (हि.स.)। अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के अवसर पर जहां नर्सिंग स्टाफ को सम्मानित किया जाना चाहिए था, वहीं जीएमसी कठुआ में नॉन-गैजेटेड स्वास्थ्य कर्मियों ने इस दिन को “ब्लैक डे” के रूप में मनाते हुए सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दूसरे दिन कर्मचारियों ने हाथों में काली पट्टियां बांधकर अपनी मांगों को लेकर धरना दिया।

स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि वे पिछले 7 वर्षों से सर्विस रूल बनाए जाने की मांग को लेकर लगातार सरकार से संपर्क कर रहे हैं लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि नर्सिंग दिवस जैसे महत्वपूर्ण दिन पर भी उन्हें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि जीएमसी कठुआ में स्टाफ की भारी कमी है। एक-एक कर्मचारी पर 30 से 40 मरीजों की जिम्मेदारी होती है जिससे कार्य का दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है। इसके बावजूद भी वे दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि नॉन-गैजेटेड स्टाफ में नर्सिंग, टेक्नीशियन, क्लर्क, एमटीएस और ड्राइवर सभी शामिल हैं जिन्हें अब तक सर्विस रूल न बनने के कारण अपने भविष्य को लेकर असमंजस और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों के अनुसार जब तक सर्विस रूल फ्रेम नहीं होते तब तक उनका भविष्य अंधकार में ही रहेगा। स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे इससे भी अधिक उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया