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गांदरबल के उपायुक्त ने दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के लिए जिला स्तरीय समीक्षा समिति की अध्यक्षता की

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श्रीनगर, 26 फ़रवरी (हि.स.)।

जिला स्तरीय समीक्षा समिति और जिला परामर्श समिति की बैठक आज यहां उप आयुक्त गांदरबल जतिन किशोर की अध्यक्षता में दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही के लिए बैंकों और संबंधित विभागों के प्रदर्शन की समीक्षा करने और वार्षिक ऋण योजना के तहत हुई प्रगति का आकलन करने के लिए आयोजित की गई।

संक्षिप्त बैठक में गांदरबल के प्रमुख जिला प्रबंधक ने जमा अग्रिम और ऋण जमा अनुपात सहित विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में बैंक-वार प्रदर्शन का विस्तृत विवरण देते हुए एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैंकों का ऋण जमा अनुपात 95.29% रहा।

बैठक में जिले के समग्र सीडीआर अनुपात में 92.75% से 95.2% तक की सकारात्मक वृद्धि देखी गई। हालांकि, डीसी ने कुछ बैंकों के खराब प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए उन्हें ज़िला मानकों के अनुरूप ऋण वितरण को तुरंत बढ़ाने का निर्देश दिया।

डीसी ने किसानों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने बैंकों को अपनी ऋण वितरण रणनीतियों में सुधार करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कृषि क्षेत्र को पर्याप्त वित्तीय सहायता मिले। उन्होंने बैंकों और संबंधित विभागों को पीएमएफएमई पीएम सूर्य घर, मिशन युवा आदि जैसी विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित मामलों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

डीसी ने सभी बैंकों विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर बैंक को छोड़कर अन्य बैंकों को अपनी पहुंच को अधिकतम करने का कड़ा निर्देश जारी किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पीएमईजीपी और केसीसी जैसी सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सभी वित्तीय संस्थानों में साझा की जानी चाहिए ताकि व्यापक जनहित सुनिश्चित हो सके।

इसके अलावा कृषि और संबद्ध विभागों के साथ-साथ बैंकों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के तहत अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता