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कठुआ की सूखी नहर में खंडित गणेश प्रतिमाएं, विसर्जन की व्यवस्था पर उठे सवाल

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कठुआ की सूखी नहर में खंडित गणेश प्रतिमाएं, विसर्जन की व्यवस्था पर उठे सवाल


कठुआ, 25 अक्टूबर (हि.स.)। कठुआ शहर के ड्रीम पार्क के पास स्थित नहर में गणेश उत्सव के दौरान विसर्जित की गईं भगवान श्री गणेश की विशाल प्रतिमाएं पानी के अभाव में फंसी हुई हैं। करीब एक सप्ताह से नहर में पानी नहीं होने के कारण प्रतिमाएं सूखी नहर में पड़ी हैं। कई प्रतिमाएं खंडित अवस्था में दिखाई दे रही हैं जिससे श्रद्धालुओं में नाराजगी है। इस स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था के सम्मान तथा विसर्जन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

गणेश चतुर्थी के अवसर पर कठुआ शहर में विभिन्न स्थानों पर भगवान श्री गणेश की विशाल प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। 12 दिनों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई और ड्रीम पार्क के पास स्थित नहर में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। हालांकि नहर में पानी का बहाव पर्याप्त न होने के कारण बड़ी प्रतिमाएं आगे नहीं बढ़ सकीं और वहीं फंस गईं। अब नहर में पानी नहीं होने से ये प्रतिमाएं खुले में पड़ी दिखाई दे रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं को श्रद्धा और विधि-विधान के साथ स्थापित किया जाता है। ऐसे में पूजा-अर्चना के बाद विसर्जन की प्रक्रिया भी पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ होनी चाहिए। प्रतिमाओं का इस तरह खंडित अवस्था में दिखाई देना श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत कर रहा है। ड्रीम पार्क के पास से गुजरने वाले लोग भी इस स्थिति पर चिंता जता रहे हैं।

गौरतलब है कि कठुआ जिले में पिछले करीब एक दशक से गणेश उत्सव का आयोजन बड़े स्तर पर किया जा रहा है। पहले लोग अपने घरों में ही गणेश चतुर्थी मनाते थे लेकिन अब शहर में विभिन्न स्थानों पर आयोजन समितियों और ट्रस्टों की ओर से विशाल प्रतिमाएं स्थापित कर सामूहिक रूप से उत्सव मनाया जाता है। उत्सव का समापन भव्य शोभायात्रा और विसर्जन के साथ होता है। हालांकि बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए स्थानीय स्तर पर पर्याप्त जल उपलब्धता और उचित व्यवस्था का अभाव अब चिंता का विषय बन रहा है। लोगों का सुझाव है कि भविष्य में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए ऐसी जगह का चयन किया जाए जहां पर्याप्त पानी और उचित व्यवस्था उपलब्ध हो। इस संबंध में रणजीत सागर डैम में विसर्जन की व्यवस्था करने की मांग भी उठ रही है ताकि प्रतिमाओं का विसर्जन सम्मानजनक तरीके से हो सके और पानी कम होने के बाद उनके खंडित अवशेष इस तरह खुले में न पड़े रहें।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया