वन अधिकार दावों के निस्तारण में तेजी लाएं-जनजातीय कार्य विभाग
श्रीनगर, 30 जुलाई (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर सरकार के जनजातीय कार्य विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत लंबित दावों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा जारी सर्कुलर में दावा प्राप्ति, सत्यापन और निपटान की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया कि अधिनियम की धारा 4(5) के तहत किसी भी वनवासी अनुसूचित जनजाति या पारंपरिक वन निवासी को उसके कब्जे वाली भूमि से तब तक बेदखल नहीं किया जा सकता जब तक दावों की मान्यता और सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। सर्कुलर में यह भी बताया गया कि ग्राम सभा दावों की जांच, सत्यापन और सिफारिश की मुख्य प्राधिकरण है जबकि उपमंडल स्तरीय समिति और जिला स्तरीय समिति अपील और अंतिम निर्णय की प्रक्रिया पूरी करती हैं।
जनजातीय कार्य मंत्री जावेद अहमद राणा ने कहा कि अधिनियम का उद्देश्य जनजातीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें सामाजिक न्याय व आजीविका सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्रवाई कानून के दायरे में और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही की जाए। जिन जिलों में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है उन्हें प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

