पूर्व केंद्रीय अर्धसैनिक बल कल्याण संघ ने उठाए पेंशन और अधिकारों से जुड़े मुद्दे
जम्मू, 09 मार्च (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय अर्धसैनिक बल कल्याण संघ, जम्मू-कश्मीर (यूटी) ने सेवानिवृत्त अर्धसैनिक कर्मियों के कल्याण और अधिकारों से जुड़े कई लंबित मुद्दों को लेकर संबंधित अधिकारियों से जल्द समाधान की मांग की है। इस संबंध में संघ ने 8वें वेतन आयोग, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को अलग-अलग ज्ञापन भेजे हैं। संघ ने 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को भेजे अपने पत्र में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सेना के बीच पेंशन में मौजूद असमानता को दूर करने की मांग की। संघ का कहना है कि दोनों ही बल समान समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ देश की सेवा करते हैं, इसलिए पेंशन और अन्य लाभों में समानता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इसके अलावा संघ ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से जम्मू-कश्मीर में सेवानिवृत्त अर्धसैनिक कर्मियों को एक्स-सर्विसमैन का दर्जा देने की भी मांग की। संघ के सदस्यों ने बताया कि केरल, उत्तराखंड और हरियाणा जैसे राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू है और जम्मू-कश्मीर में भी इसे लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि इस मामले से संबंधित फाइल जो वर्तमान में गृह विभाग के पास लंबित है को जल्द निपटाया जाए। संघ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भेजे एक अन्य ज्ञापन में सेवानिवृत्त अर्धसैनिक कर्मियों के लिए शराब लाइसेंस लेने पर लगाए गए सुरक्षा जमा (सिक्योरिटी डिपॉजिट) की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की। संघ का कहना है कि यह शर्त सेना के पूर्व सैनिकों पर लागू नहीं है इसलिए समानता सुनिश्चित करने के लिए इस आदेश को वापस लिया जाना चाहिए।
इस बीच संघ की ओर से पूर्व अर्धसैनिक कर्मियों की वीर नारियों को सम्मानित करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। मुख्य संरक्षक हरिंदर महाजन की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में वीर नारियों को सम्मानित किया गया और उनके परिवारों द्वारा राष्ट्र सेवा में दिए गए बलिदान को याद किया गया। इस अवसर पर डी.के. चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कर्मचारियों के लंबित 18 माह के महंगाई भत्ता (डीए) एरियर जारी करने और 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक 7वें वेतन आयोग के 50 प्रतिशत डीए को मूल वेतन में विलय करने की भी मांग की।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

