ईद-उल-फितर शुक्रवार या शनिवार को चांद दिखने के आधार पर मनाई जाने की संभावना
श्रीनगर, 19 मार्च (हि.स.)। ईद-उल-फितर शुक्रवार या शनिवार को चांद दिखने के आधार पर मनाई जाने की संभावना है। ऐसे में श्रीनगर के बाज़ार खरीदारी की गतिविधियों में तेज़ी आने से गुलज़ार हो गए हैं। यह उस उत्सव के माहौल को दिखाता है जो पारंपरिक रूप से रमज़ान के आखिरी दिनों की पहचान है। लाल चौक के आस-पास के कमर्शियल हब से लेकर डाउनटाउन की हलचल भरी गलियों तक पिछले कुछ दिनों से खरीदार बाज़ारों में उमड़ रहे हैं। वे कपड़े, जूते-चप्पल, एक्सेसरीज़ और घर का सामान खरीद रहे हैं।
अमीरा कदल पुल के पास गोनी खान के बाज़ार, जो महिलाओं के कपड़ों और एक्सेसरीज़ के लिए जाने जाते हैं वहां भारी भीड़ देखी जा रही है। खासकर महिलाएं गहने, चूड़ियां और झुमके खरीद रही हैं जबकि कई महिलाएं ईद से पहले अपने हाथों पर मेहंदी के बारीक डिज़ाइन भी बनवा रही हैं।
व्यापारियों ने बताया कि रुक-रुककर हो रही बारिश से खरीदारों की आवाजाही पर थोड़ा असर पड़ा है, लेकिन खरीदारों का उत्साह कम नहीं हुआ है। गोनी खान बाज़ार के एक दुकानदार ने कहा, मौसम ने कुछ समय के लिए कारोबार पर असर डाला लेकिन जैसे-जैसे ईद करीब आ रही है लोग बड़ी संख्या में बाहर निकल रहे हैं। भीड़ काफी बढ़ गई है खासकर शाम के समय। कपड़ों और जूतों के बाज़ारों में बिक्री ज़ोरों पर है जहां माता-पिता अपने बच्चों के साथ त्योहार के लिए नए कपड़े खरीदने आ रहे हैं।
श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके में खासकर जामिया मस्जिद और उसके आस-पास के बाज़ारों में घर सजाने का सामान जैसे पर्दे, कालीन और सजावटी चीज़ें बेचने वाली दुकानों का कारोबार भी अच्छा चल रहा है क्योंकि लोग ईद के जश्न के लिए अपने घरों को तैयार कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

