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उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने गैर मुमकिन खड्डों पर समयबद्ध रिपोर्ट मांगी

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श्रीनगर, 22 मई (हि.स.)। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने आज जम्मू-कश्मीर में गैर मुमकिन खड्डों से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए गठित उप-समिति की बैठक की अध्यक्षता की। श्रीनगर स्थित सिविल सचिवालय में आयोजित इस बैठक में जल शक्ति, वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण एवं जनजातीय मामलों के मंत्री जावेद अहमद राणा और कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, सहकारिता एवं चुनाव मंत्री जावेद अहमद डार उपस्थित थे जो उप-समिति के सदस्य हैं।

उपमुख्यमंत्री ने समिति की रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले नामित कार्यालयों के माध्यम से जनता से सुझाव प्राप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आम जनता द्वारा सुझाव प्रस्तुत करने में सुगमता के लिए सिविल सचिवालय से एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया।

उन्होंने निर्देश दिया कि रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जनता की वास्तविक चिंताओं का निष्पक्ष और वैध तरीके से समाधान किया जाए। जल शक्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शालीन काबरा ने उप-समिति को गैर मुमकिन खाद की वर्तमान स्थिति और चल रही पृथक्करण प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।

बैठक के दौरान बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने जनता की समस्याओं के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए व्यावहारिक और जनहितैषी निर्णयों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नीतिगत हस्तक्षेपों में पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों की आजीविका एवं संपत्ति के अधिकारों की रक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। समिति ने खाद के उचित पृथक्करण और सटीक विवरण प्रस्तुत करने के लिए एक तकनीकी टीम के गठन का निर्देश दिया। आवर्ती जन समस्याओं के प्रभावी समाधान के लिए गंभीर समस्या वाले क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश जारी किए गए।

इस अवसर पर बोलते हुए जावेद अहमद राणा ने गैर मुमकिन खाद से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए संतुलित और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने प्रभावित आबादी को राहत सुनिश्चित करते हुए पारिस्थितिक हितों की रक्षा के लिए विभागों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। कृषि मंत्री ने पारदर्शिता, जनभागीदारी और शिकायतों के समय पर निवारण के महत्व पर प्रकाश डाला। उप-समिति ने गैर मुमकिन खड्डों, दरियाओं और नालों की मौजूदा स्थिति और उनसे संबंधित चिंताओं पर विस्तार से चर्चा की जिसका उद्देश्य आम जनता को आवश्यकतानुसार राहत प्रदान करना था।

उप-समिति के सदस्यों ने कई सुझाव भी दिए और कई जन चिंताओं को उजागर किया जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता