डोगरा विरास्त हमारी अस्मिता, उपेक्षा नहीं, सरक्षण चाहिए: शिवसेना
जम्मू,, 18 अप्रैल (हि.स.)।
विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर शिवसेना (यूबीटी) जम्मू-कश्मीर इकाई ने जम्मू की डोगरा सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्मारकों और पारंपरिक पहचान की लगातार हो रही उपेक्षा पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए सरकार से जम्मू क्षेत्र के लिए एक समर्पित ‘डोगरा हेरिटेज कंजर्वेशन बोर्ड’ के गठन की जोरदार मांग उठाई है।
पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मनीश साहनी ने कहा कि यद्यपि जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2010 से जम्मू-कश्मीर हेरिटेज कंजर्वेशन एंड प्रिजर्वेशन एक्ट लागू है, जिसके अंतर्गत विरासत संरक्षण के लिए वैधानिक प्राधिकरण का प्रावधान है लेकिन फिर भी जम्मू की डोगरा विरासत को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही है।
साहनी ने उपराज्यपाल प्रशासन और पुरातत्व विभाग पर जम्मू की ऐतिहासिक पहचान के साथ गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि जम्मू की शान और डोगरा गौरव के प्रतीक मुबारक मंडी पैलेस कॉम्प्लेक्स का जीर्णोद्धार कार्य वर्षों से कछुआ गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पहले भी इसके संरक्षण हेतु करोड़ों रुपये की योजनाएं घोषित की गईं लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों ही चिंता का विषय हैं।
उन्होंने कहा कि केवल मुबारक मंडी ही नहीं बल्कि हीरानगर का जसमेरगढ़ किला, सांबा के प्राचीन किले, अखनूर किला तथा रियासी का भीमगढ़ किला भी संरक्षण के अभाव में अपना अस्तित्व खोने की कगार पर हैं। प्रशासन जम्मू को ‘सिटी ऑफ टेम्पल्स’ कहकर केवल नारेबाज़ी करता है लेकिन यहां की ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने में पूरी तरह विफल रहा है।
साहनी ने मांग की कि जम्मू की डोगरा कला, वास्तुकला, टाकरी लिपि, डोगरी भाषा, लोक संगीत और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए जम्मू-कश्मीर हेरिटेज अथॉरिटी के अंतर्गत एक समर्पित ‘डोगरा हेरिटेज कंजर्वेशन बोर्ड’ अथवा अलग क्षेत्रीय प्रकोष्ठ का तत्काल गठन किया जाए। इस बोर्ड को स्वायत्त अधिकार, स्वतंत्र कार्यप्रणाली, तकनीकी विशेषज्ञों की टीम और पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए ताकि संरक्षण कार्य योजनाबद्ध और समयबद्ध तरीके से हो सके।
उन्होंने कहा कि यदि इन ऐतिहासिक स्थलों का वैज्ञानिक संरक्षण, पुनरुद्धार और पर्यटन के साथ एकीकृत विकास किया जाए तो यह न केवल डोगरा पहचान को मजबूत करेगा बल्कि स्थानीय पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बढ़ावा देगा।
साहनी ने स्कूलों के पाठ्यक्रम और सरकारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डोगरा नायकों — महाराजा गुलाब सिंह और जनरल जोरावर सिंह के गौरवशाली इतिहास को अनिवार्य रूप से शामिल किए जाने की मांग भी दौहराई।
साहनी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगले तीन महीनों के भीतर मुबारक मंडी सहित अन्य प्रमुख डोगरा धरोहर स्थलों के संरक्षण के लिए ठोस नीति और समयबद्ध कार्ययोजना घोषित नहीं की गई तो पार्टी जम्मू की अस्मिता और विरासत की रक्षा के लिए व्यापक जन-आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगी। इस मौके पर संजय भटट, अदित्य महाजन, राजू कपूर उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता

