कठुआ में जिला स्तरीय एनसीओआरडी बैठक, नशे के खिलाफ 100 दिन से आगे निरंतर अभियान चलाने पर बल
कठुआ, 25 जुलाई (हि.स.)। नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान को 100 दिवसीय कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे जन आंदोलन के रूप में जारी रखने के निर्देश देते हुए डीसी कठुआ राजेश शर्मा ने जिला स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जिले में चलाए जा रहे नशा विरोधी उपायों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कठुआ मोहिता शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त महिमा मदान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत सभी विभागों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल 100 दिन का अभियान नहीं बल्कि नशा मुक्त समाज बनाने के लिए इसे निरंतर चलाना होगा।
एसपी मोहिता शर्मा ने बताया कि नशा तस्करी से जुड़े मामलों में पुलिस विभाग ने 51 ड्राइविंग लाइसेंस और 68 वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र रद्द/निलंबित करने की सिफारिश की है। 100 दिवसीय नशा मुक्त अभियान के दौरान जिले में पिछले पूरे साल की तुलना में अधिक मादक पदार्थों से संबंधित मामले दर्ज किए गए। नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से अर्जित संरचनाओं को गिराया गया और नशा गतिविधियों से जुड़े बैंक खातों को भी फ्रीज किया गया।
बैठक में यह भी बताया गया कि जिले की सभी मेडिकल दुकानों को सीसीटीवी निगरानी प्रणाली और कंप्यूटरीकृत बिलिंग सुविधा से लैस किया गया है ताकि दवाओं की बिक्री पर निगरानी मजबूत हो और जवाबदेही बढ़े।
उपायुक्त ने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि अभिभावक-शिक्षक बैठकों के दौरान छात्रों और अभिभावकों के लिए नियमित जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएं ताकि नशा विरोधी अभियान में सामुदायिक भागीदारी बढ़े। उन्होंने ड्रग कंट्रोल विभाग को सख्त प्रवर्तन बरतने, औचक निरीक्षण करने और अनुसूचित दवाओं की ओवर-द-काउंटर बिक्री पर कड़ी नजर रखने के निर्देश भी दिए। बैठक में अपराधियों का डाटा संकलन कर लाइसेंस रद्द करने जैसी दंडात्मक कार्रवाई, अवैध फसल की नियमित निगरानी, नशा हॉटस्पॉट की पहचान और निगरानी तथा संवेदनशील क्षेत्रों के गहन निरीक्षण पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
उपायुक्त ने जिले भर में नशे के दुरुपयोग और तस्करी पर निरंतर, समन्वित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, बीएसएफ, स्वास्थ्य, ड्रग कंट्रोल, स्कूल शिक्षा और अन्य संबंधित विभागों के बीच करीबी समन्वय पर जोर दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

