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डोडा जिले में लगातार बढ़ रहे डेंगू के मामले

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डोडा, 14 अक्टूबर (हि.स.)। जम्मू और कश्मीर के डोडा जिले में डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। डोडा के सरकारी मेडिकल कॉलेज में 190 से अधिक प्रयोगशाला-पुष्टि मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता है। मामलों में इस अचानक वृद्धि को देखते हुए अधिकारियों ने निगरानी को मजबूत करने और डेंगू के हॉटस्पॉट की पहचान करने के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) से सहायता मांगी है।

अधिकारियों ने बताया कि आईसीएमआर-एनआईवी, पुणे के वैज्ञानिकों की पांच सदस्यीय टीम जिसका नेतृत्व आईसीएमआर-एनआईवी उत्तरी क्षेत्र, जम्मू और कश्मीर के प्रभारी अधिकारी डॉ. कैसर फारूक डार कर रहे हैं ने जीएमसी डोडा की माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला और शहर भर के कई डेंगू हॉटस्पॉट का दौरा किया। टीम ने भर्ती मरीजों की जांच भी की और उनकी परीक्षण रिपोर्टों की समीक्षा की।

डॉ. डार ने बताया कि जिले में 190 से अधिक प्रयोगशाला-पुष्टि डेंगू के मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता है। यह पारंपरिक रूप से कम डेंगू प्रभावित पहाड़ी जिले में ऐतिहासिक रुझानों की तुलना में एक तीव्र वृद्धि है।

उन्होंने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए आईसीएमआर-एनआईवी ने सहायता के लिए हस्तक्षेप किया। फिलहाल हमने आगे की जांच के लिए नमूने एकत्र किए हैं। इसके अलावा हमने उन हॉटस्पॉट का भी दौरा किया है जहां से सबसे अधिक मामले सामने आए हैं।

डॉ. डार ने कहा कि पारंपरिक रूप से कम प्रभावित रहने वाले इस पहाड़ी क्षेत्र में डेंगू के मामलों में ऐतिहासिक रुझानों की तुलना में जिले में तीव्र वृद्धि देखी गई है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए आईसीएमआर-एनआईवी ने हस्तक्षेप किया और सहायता प्रदान की। हमने आगे की जांच के लिए नमूने एकत्र किए हैं और उन हॉटस्पॉट का दौरा किया है जहां सबसे अधिक मामले सामने आए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जांच के निष्कर्ष जम्मू और कश्मीर के स्वास्थ्य अधिकारियों को सौंपे जाएंगे जिसके बाद टीम के आकलन के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

इस बीच डोडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, नगर निकायों के समन्वय से वायरस के प्रसार को रोकने के लिए ठोस प्रयास कर रहा है। शर्मा ने कहा कि डेंगू के खिलाफ अपने प्रयासों को और मजबूत करने के लिए हमने आईसीएमआर और एनआईवी से सहायता मांगी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता