home page

दीपक शर्मा की दुखद मौत की पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग: रजनी सेठी

 | 

जम्मू, 18 सितंबर(हि.स.)।

भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता रजनी सेठी ने जम्मू के रेशम घर/कृष्णा नगर इलाके में दीपक शर्मा की दुखद मौत पर गहरा दुख और पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आग्रह किया कि वे उनकी मौत से जुड़ी परिस्थितियों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच करें।

उन्होंने कहा कि दो बच्चों के पिता की असामयिक मौत बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली है। इस त्रासदी ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है खासकर इसलिए क्योंकि उनके पिता पहले से ही लकवे (पैरालिसिस) से पीड़ित हैं। दीपक शर्मा के परिवार में उनकी मां, पत्नी और दो बच्चे हैं जिससे शोक संतप्त परिवार के लिए हालात और भी मुश्किल हो गए हैं।

अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस मुश्किल और दर्दनाक घड़ी में पूरा भाजपा परिवार दीपक शर्मा के परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि परिवार को भावनात्मक सहारे के साथ-साथ उन परिस्थितियों के बारे में स्पष्टता की भी ज़रूरत है जिनमें उनके प्रियजन की जान गई।

उन्होंने कहा कि मौत की असल वजहें जांच का विषय हैं और पुलिस ने ज़रूरी कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों से तेज़ी से काम करने और जल्द से जल्द जांच पूरी करने का आग्रह किया साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि मामले के हर पहलू की सावधानीपूर्वक, निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से जांच हो।

उन्होंने कहा कि तेज़, पेशेवर और पारदर्शी जांच से शोक संतप्त परिवार को कुछ राहत मिलेगी जो बेहद मुश्किल दौर से गुज़र रहा है और स्वाभाविक रूप से यह जानना चाहता है कि उनके प्रियजन के साथ क्या हुआ। परिवार को यह दिखना चाहिए कि पुलिस तुरंत कार्रवाई कर रही है और मामले को उतनी गंभीरता से ले रही है जितनी ज़रूरी है।

उन्होंने आगे कहा कि परिवार की चिंताओं के अनुसार मौत से जुड़ी कुछ परिस्थितियों ने उनके मन में सवाल और शक पैदा किए हैं। हालांकि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और सबूतों के ज़रिए तथ्य सामने नहीं आ जाते तब तक किसी को भी जल्दबाज़ी में कोई नतीजा नहीं निकालना चाहिए और न ही किसी खास मकसद या वजह का आरोप लगाना चाहिए।

संबंधित पुलिस स्टेशन और जांच अधिकारियों को मामले के सभी ज़रूरी पहलुओं की जांच करनी चाहिए जिसमें घटनास्थल की परिस्थितियां, फोरेंसिक सबूत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और कोई भी अन्य ठोस सबूत शामिल हैं जिनसे यह पता चल सके कि असल में क्या हुआ था।

उन्होंने जनता से भी संयम बरतने की अपील की और सोशल मीडिया के ज़रिए अफ़वाहें अटकलें या बिना पुष्टि वाली जानकारी फैलाने से बचें। ऐसी दुखद घटना के बाद अलग-अलग तरह की बातें और दावे सामने आ सकते हैं लेकिन सच्चाई का पता सिर्फ़ सही जांच से ही चल सकता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता