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कठुआ में सीपीआईएम का रोष मार्च, इजरायल अमेरिका-ईरान युद्ध रोकने की मांग, केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी

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कठुआ में सीपीआईएम का रोष मार्च, इजरायल अमेरिका-ईरान युद्ध रोकने की मांग, केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी


कठुआ, 18 मार्च (हि.स.)। कठुआ में सीपीआईएम इकाई द्वारा विभिन्न जन मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर जोरदार रोष रैली निकाली गई। रैली की शुरुआत कालीबाड़ी चैक से हुई, जो जिला सचिवालय तक पहुंची। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी आवाज बुलंद की।

रैली के दौरान सीपीआईएम नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव व युद्ध जैसे हालात पर चिंता जताते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का असर भारत समेत वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, जिससे महंगाई बढ़ने और पेट्रोल-डीजल व एलपीजी गैस के दामों में उछाल की आशंका है। सीपीआईएम के सदस्यों ने बताया कि इस तरह की रोष रैलियां पूरे देश में निकाली जा रही हैं और आगामी 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों को किसान, मजदूर, युवा और आम जनता विरोधी बताते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में लागू की गई नीतियों से आम वर्ग परेशान है।

नेताओं ने श्रम कानूनों में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नए लेबर कोड मजदूरों के हित में नहीं हैं, बल्कि बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिकों से अधिक घंटे काम लिया जा रहा है, जिससे उनके अधिकारों का हनन हो रहा है। किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आय दोगुनी करने के दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं। वहीं बिजली से जुड़े कानूनों को भी कॉरपोरेट हित में बताते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की गई। सीपीआईएम कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहल कर युद्ध जैसे हालात को समाप्त करवाने में भूमिका निभाए, ताकि आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को रोका जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया