कश्मीरी प्रवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी कांग्रेस: रमन भल्ला
जम्मू, 08 मई (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री रमन भल्ला ने शुक्रवार को विस्थापित कश्मीरी प्रवासी समुदाय को आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी उनके न्यायसंगत और वास्तविक मुद्दों के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। कश्मीरी प्रवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए भल्ला ने सरकार द्वारा प्रवासी परिवारों को मिलने वाले राहत राशन लाभों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के साथ जोड़ने के कथित फैसले का कड़ा विरोध किया। उन्होंने इस कदम को “अनुचित” बताते हुए कहा कि इससे विस्थापित प्रवासी समुदाय की अलग पहचान और विशेष दर्जा कमजोर हो सकता है।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जेकेपीसीसी प्रवासी सेल के चेयरमैन हीरा लाल पंडिता ने किया। प्रतिनिधिमंडल में राजीव कौल सराफ, चुन्नी लाल रैना, राज कुमार धर, आर.एल. भट्ट, अनिल जी, शुभम जी रैना, वीरेंद्र गंजू, समीर रैना, दलिप कुमार पंडिता, कुलदीप कुमार रैना, विनोद कुमार रैना, विनोद फोटेदार, किरण रैना, विनोद भट्ट और राकेश अंबरदार सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि विस्थापित कश्मीरी पंडितों को वर्ष 1990 में अस्थायी राशन कार्ड जारी किए गए थे, जो उन्हें संघर्ष के कारण विस्थापित समुदाय के रूप में अलग पहचान प्रदान करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन राशन कार्डों को जबरन एनएफएसए ढांचे में शामिल करना सरकार की ओर से पुनर्वास योजना के अभाव को छिपाने का प्रयास है। भल्ला ने कहा कि राहत और पुनर्वास योजनाएं सामान्य कल्याणकारी योजनाएं नहीं बल्कि मानवीय सहायता हैं, जो उन असाधारण परिस्थितियों को ध्यान में रखकर दी गई थीं जिनके कारण हजारों परिवारों को कश्मीर घाटी छोड़नी पड़ी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कश्मीरी पंडित प्रवासियों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया, लेकिन उनके स्थायी पुनर्वास की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने प्रवासी समुदाय के पुनर्वास और सम्मानजनक वापसी के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की थीं। भल्ला ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा 25 अप्रैल 2008 को घोषित 1600 करोड़ रुपये के पुनर्वास पैकेज का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें 6000 सरकारी नौकरियां, आवास निर्माण सहायता, बागानों और कृषि भूमि की बहाली तथा घाटी में ट्रांजिट आवास निर्माण जैसी योजनाएं शामिल थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जम्मू और दिल्ली में रह रहे 23 हजार से अधिक विस्थापित परिवारों को मासिक राहत सहायता भी जारी रखी थी। इसके अलावा घाटी लौटने के इच्छुक परिवारों को 7.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता और क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी मदद दी गई थी।
भल्ला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी विस्थापित कश्मीरी प्रवासियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी आवाज हर मंच पर उठाती रहेगी। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह ऐसा कोई कदम न उठाए जिससे प्रवासी समुदाय के विशेष राहत ढांचे और पहचान को नुकसान पहुंचे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

