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बेरीपट्टन–सुंदरबनी सिंचाई परियोजना को लेकर कांग्रेस की चेतावनी, जल्द बहाली न हुई तो होगा जन आंदोलन

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जम्मू, 05 मार्च (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता और पूर्व एमएलसी रविंदर शर्मा ने सरकार से बेरीपट्टन–सुंदरबनी सिंचाई परियोजना को तुरंत पुनर्जीवित करने और समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस प्रतिष्ठित परियोजना को जल्द शुरू नहीं किया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता बड़े पैमाने पर जन आंदोलन शुरू करेंगे। सुंदरबनी में ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए रविंदर शर्मा ने कहा कि वर्ष 2014 में शुरू हुई यह क्षेत्र की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना करीब 18 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी अधूरी पड़ी है। सरकार बदलने के बाद इस परियोजना को पर्याप्त धनराशि नहीं मिली जिसके कारण यह पूरी तरह ठप हो गई।

उन्होंने बताया कि यह परियोजना उस समय स्वीकृत की गई थी जब देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह थे। इस योजना का उद्देश्य कांगरी, बाजाबैन, थिचका, भजवाल, टांडा, मुदवाल तला, ऐनपुर, भेनीगला, कालिदेह, घई, नगारा, बनपुरी और सोडरा समेत कई गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना था। इस लिफ्ट कैनाल परियोजना के माध्यम से लगभग 40 हजार कनाल भूमि की सिंचाई का लक्ष्य रखा गया था। साथ ही इस सूखे क्षेत्र की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बड़ा फिल्ट्रेशन प्लांट भी प्रस्तावित था।

रविंदर शर्मा ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से परियोजना बंद पड़ी है, जिससे किसानों और स्थानीय लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने इस संबंध में जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा से मुलाकात कर परियोजना के लिए तुरंत धनराशि जारी करने और काम दोबारा शुरू कराने की मांग की। बैठक में उन्होंने किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा करते हुए अमेरिकी समझौते को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों की आलोचना की और कहा कि इससे देश के किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा जैसी योजनाओं में कटौती से ग्रामीण गरीबों की आजीविका प्रभावित होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा