अनुसूचित जाति समुदाय के सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं
जम्मू, 31 मई (हि.स.)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक एवं पंजाब के सह-प्रभारी करण भगत ने जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के समक्ष मौजूद सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक चुनौतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उनके सशक्तिकरण और समावेशी विकास के लिए व्यापक नीतिगत हस्तक्षेप की मांग की। पार्टी कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए भगत ने कहा कि संवैधानिक सुरक्षा और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बावजूद जम्मू-कश्मीर में एससी समुदाय का एक बड़ा वर्ग आज भी अवसरों, संसाधनों और शासन में पर्याप्त प्रतिनिधित्व प्राप्त करने में अनेक बाधाओं का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा सामाजिक न्याय, समानता और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध रही है।
उन्होंने राजनीतिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति समुदाय को निर्णय लेने वाली संस्थाओं और शासन व्यवस्था में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आरक्षण का प्रभावी क्रियान्वयन और नीतिगत प्रक्रियाओं में एससी समुदाय की अधिक भागीदारी समावेशी शासन के लिए आवश्यक है। भगत ने शिक्षित एससी युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता जताते हुए कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों में आरक्षित श्रेणी की हजारों रिक्तियां अब भी लंबित हैं। उन्होंने बैकलॉग पदों को शीघ्र भरने और विशेष भर्ती अभियान चलाने की मांग की। साथ ही भर्ती और पदोन्नति में आरक्षण नीतियों के सख्ती से पालन पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर एससी परिवारों के कई छात्र छात्रवृत्तियों, छात्रावासों, कोचिंग सुविधाओं और शैक्षिक ढांचे की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से शैक्षिक सहायता प्रणाली को मजबूत करने और व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने की अपील की। कांग्रेस नेता ने भूमिहीन मजदूरों, सफाई कर्मचारियों, दैनिक वेतनभोगियों और अन्य कमजोर वर्गों की आर्थिक समस्याओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कौशल विकास कार्यक्रमों, स्वरोजगार, संस्थागत ऋण सुविधाओं और उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। सफाई कर्मचारियों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने पात्र कर्मियों के नियमितीकरण, बेहतर सेवा शर्तों, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग की तथा मैनुअल स्कैवेंजिंग के पूर्ण उन्मूलन पर जोर दिया।
भगत ने कहा कि एससी बहुल गांवों और शहरी बस्तियों में आज भी सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने इन क्षेत्रों के लिए विशेष विकास रणनीति अपनाने की मांग की। साथ ही छात्रवृत्तियों, पेंशन और अन्य कल्याणकारी लाभों के समयबद्ध वितरण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति समुदाय ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उसे सम्मान, न्याय, अवसरों तथा विकास में समान भागीदारी मिलनी चाहिए।
भगत ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी संविधानिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए हर मंच पर उनकी आवाज उठाती रहेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

