जम्मू-कश्मीर में राज्यसभा चुनाव में 'फिक्सिंग' के लिए भाजपा, एनसी व पीडीपी की थी मिलीभगत: सज्जाद लोन
श्रीनगर, 29 अप्रैल(हि.स.)। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस पार्टी के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने पिछले साल जम्मू-कश्मीर में चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव के दौरान भाजपा, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी पर फिक्स करने के लिए मिलीभगत करने का आरोप लगाया।
बुधवार को सज्जाद गनी लोन ने यहां एक बयान जारी कर कहा कि एनसी ने एजेंटों की नियुक्ति पर जोर नहीं दिया और पीडीपी ने एजेंटों की नियुक्ति नहीं की, जो मैच फिक्सिंग का बहुत बड़ा संकेत देता है। सज्जाद गनी लाेन एक आरटीआई जवाब का जिक्र कर रहे थे, जिसमें कहा गया था कि पीडीपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए मुख्य एजेंट नियुक्त नहीं किया था।
हंदवाड़ा से विधायक सज्जाद गनी लाेन ने कहा कि आरटीआई जवाब से संकेत मिलता है कि कम से कम तीन दलों - भाजपा, एनसी और पीडीपी - ने राज्यसभा चुनाव के दौरान मिलीभगत की थी। उन्होंने कहा कि एनसी और पीडीपी के सक्रिय समर्थन के बिना भाजपा राज्यसभा सीट नहीं जीत सकती थी। वर्ष 2015 के राज्यसभा चुनाव को याद करते हुए लोन ने कहा कि पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के पास कोई उम्मीदवार नहीं था, लेकिन तत्कालीन सत्तारूढ़ गठबंधन ने उनकी पार्टी से अपनी पसंद का एजेंट नियुक्त करने को कहा था। उन्होंने कहा कि मुझे याद है जब मैंने 2015 में राज्यसभा चुनाव में अपना वोट डाला था। हमारी पार्टी के पास कोई उम्मीदवार नहीं था लेकिन सत्तारूढ़ गठबंधन (पीडीपी-बीकेपी) ने हमसे अपनी पसंद का एजेंट रखने का अनुरोध किया था। लोन ने कहा कि एजेंट के रूप में नियुक्त किया गया व्यक्ति एक गैर-विधायक था, जो अपने और अपने साथी विधायक बशीर अहमद डार के वोट को सत्यापित करने के लिए आगे बढ़ा। लोन ने एनसी और पीडीपी दोनों के आचरण पर सवाल उठाया और चुनाव नियमों के बारे में उनकी कथित अज्ञानता पर गंभीर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह बेहद असंभव लगता है कि पीडीपी या एनसी को नियमों की जानकारी नहीं थी।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष राज्यसभा के चुनाव में सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस ने तीन सीटें जीती थीं और भाजपा एक सीट हासिल करने में सफल रही थी, जबकि उसके पास आवश्यक संख्या बल नहीं था। कम से कम चार गैर-भाजपा विधायकों ने भाजपा उम्मीदवार सत शर्मा को वोट दिया था जिन्हें 28 विधायकों की पार्टी ताकत के मुकाबले 32 वोट मिले थे। दरअसल, इस चुनाव में पीपुल्स काॅन्फ्रेंस के नेता सज्जाद गनी लोन ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया था, जिसका फायदा भी भाजपा उम्मीदवार को मिला।
हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

