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संघ की प्रमुख जन गोष्ठी : शताब्दी वर्ष पर ‘पंच परिवर्तन’ का आह्वान, सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार ने कहा : व्यक्ति निर्माण से ही होगा राष्ट्र निर्माण

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संघ की प्रमुख जन गोष्ठी : शताब्दी वर्ष पर ‘पंच परिवर्तन’ का आह्वान, सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार ने कहा : व्यक्ति निर्माण से ही होगा राष्ट्र निर्माण


जम्मू, 24 मार्च (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के कठुआ नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में एक भव्य ‘प्रमुख जन गोष्ठी’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संघ के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे और 550 से अधिक प्रबुद्ध नागरिकों को संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. हरदेव गुप्ता ने की, जबकि मंच पर प्रांत संघचालक विक्रांत जी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। अपने संबोधन में अरुण कुमार ने कहा कि संघ के 100 वर्ष पूरे होना केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन और कृतज्ञता व्यक्त करने का समय है। उन्होंने संघ के मूल मंत्र “व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण” को दोहराते हुए कहा कि भारत व्यक्तिगत क्षमताओं में कभी पीछे नहीं रहा लेकिन सामाजिक एकता के अभाव के कारण लंबे समय तक पराधीनता झेलनी पड़ी।

उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए चाणक्य और पोरस जैसे महान व्यक्तित्वों का स्मरण किया और कहा कि आपसी फूट और अनुशासन की कमी हमारी हार का प्रमुख कारण रही है। इस अवसर पर उन्होंने समाज के समक्ष ‘पंच परिवर्तन’ का संकल्प रखा जिसमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य और ‘स्व’ का बोध प्रमुख हैं। उन्होंने जातिगत भेदभाव समाप्त करने, परिवार व्यवस्था को मजबूत करने, जल संरक्षण और प्लास्टिक के सीमित उपयोग को अपनाने, नियमों का पालन करने तथा अपनी भाषा, संस्कृति और धर्म पर गर्व करने का आह्वान किया।

अरुण कुमार ने कहा कि आज भी कुछ देश-विरोधी शक्तियां समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही हैं, ऐसे में प्रबुद्ध वर्ग को केवल दर्शक नहीं बल्कि परिवर्तन का सक्रिय भागीदार बनना होगा। उन्होंने कहा कि संघ हमेशा निस्वार्थ भाव से समाज सेवा में लगा रहा है और कभी किसी कार्य का श्रेय नहीं लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गान के साथ गरिमामय वातावरण में हुआ

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा