असफल होने से कभी न डरें, कोशिश न करने से डरें: सीएम उमर
श्रीनगर, 23 जुलाई (हि.स.)।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार एक मज़बूत स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और नए आइडिया का समर्थन करेगी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि युवा उद्यमियों को कभी भी असफलता से नहीं डरना चाहिए बल्कि कोशिश न करने से डरना चाहिए।
यहाँ शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में एसेट जम्मू कश्मीर 2026 स्टार्टअप इकोसिस्टम समिट के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उमर ने कहा कि इस पहल को महत्वाकांक्षी उद्यमियों की मदद के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि वे मेंटरशिप, फंडिंग, नेटवर्किंग और पॉलिसी सपोर्ट के ज़रिए अपने आइडिया को सफल व्यवसायों में बदल सकें। इस बात पर ज़ोर देते हुए कि असफलता इनोवेशन का एक ज़रूरी हिस्सा है मुख्यमंत्री ने कहा कि असफलताओं को हार मानने के कारण के बजाय कीमती सबक के रूप में देखा जाना चाहिए। आविष्कारक थॉमस एडिसन के मशहूर शब्दों को याद करते हुए उमर ने कहा कि एडिसन ने कभी नहीं माना कि लाइट बल्ब का आविष्कार करते समय वे हज़ारों बार असफल हुए बल्कि उन्होंने हज़ारों ऐसे तरीके खोजे जो काम नहीं आए।
उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ़ एक चीज़ से डरना चाहिए—कोशिश न करने से। हर असफलता एक सबक है जो हमें सफलता के एक कदम और करीब ले जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक ऐसे प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर परिकल्पित किया गया है जहाँ इनोवेशन, फंडिंग, सरकारी पॉलिसी और बाज़ार के अवसर एक साथ आते हैं। इससे उद्यमी अपने आइडिया को नैपकिन के पीछे लिखे रफ़ नोट्स से निकालकर जम्मू-कश्मीर, पूरे देश और यहाँ तक कि विदेशों में उपभोक्ताओं तक पहुँचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवा इनोवेटर्स के साथ बातचीत से उन्हें हमेशा उम्मीद मिलती है। उन्होंने बताया कि कई युवा इस क्षेत्र के लोगों की रोज़मर्रा की चुनौतियों के लिए व्यावहारिक समाधान विकसित कर रहे हैं। समिट में दिखाए गए इनोवेशन का ज़िक्र करते हुए उमर ने सर्दियों में पानी के पाइप को जमने से बचाने वाले सेंसर-आधारित सिस्टम, पानी के ज़िम्मेदार इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाले डिजिटल रूप से जुड़े वॉटर मीटर, ओलावृष्टि से बचाने वाले नेट, कार्बन मोनोऑक्साइड डिटेक्शन सिस्टम और ऑटोमैटिक गैस रेगुलेटर सुरक्षा उपकरणों का ज़िक्र किया।
उन्होंने कहा कि ये ऐसे व्यावहारिक समाधान हैं जिन्हें युवाओं ने तैयार किया है। उन्होंने वास्तविक समस्याओं की पहचान की है और सार्थक समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं। कोई भी विचार बुरा नहीं होता। हर विचार में क्षमता होती है बस उसे बेहतर बनाने, संवारने और समर्थन देने की ज़रूरत होती है।
मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने वाले एक स्थानीय उद्यमी का उदाहरण देते हुए कहा कि समय पर संस्थागत सहयोग मिलने से जम्मू-कश्मीर के प्रतिभाशाली इनोवेटर्स वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हो सकेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

