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इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना खिलाड़ियों से नेशनल और इंटरनेशनल इवेंट्स में मेडल जीतने की उम्मीद नहीं की जा सकती : उमर अब्दुल्ला

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श्रीनगर, 10 अगस्त (हि.स.)।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि सही स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना खिलाड़ियों से नेशनल और इंटरनेशनल इवेंट्स में मेडल जीतने की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने उन्हें अच्छी सुविधाएं, ट्रेनिंग और फाइनेंशियल सपोर्ट देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर अभी भी स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में पीछे है और इसमें काफी सुधार की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि मेहनत का सही फल तभी मिलेगा जब आपको सही सुविधाएं मिलेंगी। हम इस मामले में काफी पीछे हैं और हमें आगे सुधार करने की ज़रूरत है।

उमर ने जम्मू कश्मीर में सिंथेटिक ट्रैक की कमी का ज़िक्र करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को ऐसे स्पोर्ट्सपर्सन के खिलाफ मुकाबला करने के लिए कहा जा रहा है जो साल भर बेहतर सुविधाओं के साथ ट्रेनिंग करते हैं। उन्होंने पूछा कि मैं सिंथेटिक ट्रैक को उंगलियों पर गिन सकता हूं। मुझे सिर्फ़ चार ही दिख रहे हैं। जब हम अपने खिलाड़ियों को सिंथेटिक ट्रैक नहीं दे सकते तो हम उनसे क्या मेडल की उम्मीद कर सकते हैं? उन्होंने आगे कहा कि आपका मुकाबला उन लोगों से है जो साल के 12 महीने प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर को अच्छी क्वालिटी वाले स्पोर्ट्स और ट्रेनिंग को बढ़ावा देने के लिए अपने ज़्यादा ऊंचाई वाले इलाकों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए साथ ही स्थापित और उभरते हुए खेलों के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए। क्रिकेट पर बहुत ज़्यादा ध्यान दिए जाने का ज़िक्र करते हुए उमर ने कहा कि दूसरे खेलों पर भी ज़्यादा ध्यान और इन्वेस्टमेंट की ज़रूरत है।

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से जब हम खेलों की बात करते हैं तो शायद 80 प्रतिशत से ज़्यादा ध्यान क्रिकेट पर जाता है। ज़्यादातर पैसा भी क्रिकेट में ही है उसके बाद फुटबॉल और फिर दूसरे खेलों में। उन्होंने कहा कि अगर भारत इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में सफल होना चाहता है तो अलग-अलग खेलों में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उमर ने कहा कि अगर हम सच में कॉमनवेल्थ गेम्स और दूसरे इंटरनेशनल इवेंट्स जैसी प्रतियोगिताओं में कुछ हासिल करना चाहते हैं तो हमें अलग-अलग तरह के खेलों में हिस्सा लेना होगा। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने को ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि ड्रग्स से दूर रहना साल में सिर्फ़ एक दिन का नारा नहीं हो सकता। यह साल के 12 महीने होना चाहिए और ऐसा तभी होगा जब हम खेलों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर देंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर में खेलों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह