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बिजली की दरें नहीं बढ़ेंगी, ऐसा कभी वादा नहीं किया था उमर अब्दुला

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श्रीनगर, 24 अगस्त (हि.स.)।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि सरकार ने कभी यह वादा नहीं किया था कि बिजली की दरें नहीं बढ़ेंगी। उन्होंने बताया कि सोलर स्कीम के ज़रिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि टैरिफ (दरों) में बदलाव का इस स्कीम से कोई लेना-देना नहीं है।

पत्रकारों से बात करते हुए सीएम उमर ने कहा कि सरकार ने चार साल बाद बिजली की दरों में 6.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली सरकारों के दौरान दरें 14 प्रतिशत से ज़्यादा और चार साल पहले लगभग 15 प्रतिशत बढ़ाई गई थीं। उन्होंने कहा कि हमने दरें जितनी कम हो सकती थीं उतनी ही बढ़ाई हैं। हम बिजली की दरों में बढ़ोतरी का जश्न नहीं मना रहे हैं। यह हमारी मजबूरी थी।

उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे बिजली सेक्टर में नुकसान कम होगा ऐसे कदमों की ज़रूरत भी कम होती जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ज़रूरत पड़ने पर फेरबदल किया जाएगा लेकिन साफ़ किया कि उन्होंने सिर्फ़ 15 अगस्त से पहले फेरबदल की संभावना से इनकार किया था। उन्होंने कहा कि सरकार में कोई संकट नहीं है। हमारा काम चल रहा है। जब फेरबदल की ज़रूरत होगी तो हम करेंगे।

कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को कथित तौर पर मिली धमकियों के बारे में पूछे गए सवाल पर उमर ने इस मुद्दे को चिंताजनक बताया और पुलिस, सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों से गहन जांच करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसी धमकियों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। अपने कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की बड़ी ज़िम्मेदारी है। पंडित कर्मचारियों को निशाना बनाए जाने की पिछली घटनाओं का ज़िक्र करते हुए उमर ने कहा कि अधिकारियों को नई धमकियों के स्रोत का पता लगाना चाहिए और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का मामला उप-राज्यपाल के प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आता है, साथ ही उन्होंने संबंधित एजेंसियों से पूरी जांच करने का आग्रह किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह