सिविल डिफेंस प्रशिक्षण के तीसरे दिन विद्यार्थियों को सिखाए जीवनरक्षक कौशल
कठुआ, 29 अक्टूबर (हि.स.)। पांच दिवसीय सिविल डिफेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और सिविल डिफेंस विभाग के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार के महत्वपूर्ण तरीकों की जानकारी दी। इस दौरान सीपीआर और दम घुटने की स्थिति में व्यक्ति की जान बचाने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों पर विशेष व्याख्यान दिया गया।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को आपदा या किसी आपात स्थिति में घायलों की सहायता करने तथा समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध करवाने के महत्व से अवगत करवाया। सैद्धांतिक जानकारी के बाद विशेषज्ञों ने सीपीआर देने और दम घुटने की स्थिति में पीड़ित की मदद करने के तरीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को जीवनरक्षक कौशल से प्रशिक्षित करना और आपात परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए सक्षम बनाना था।
कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. अनुपमा गुप्ता ने विशेषज्ञों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में जागरूकता, आत्मविश्वास और संकट के समय दूसरों की सहायता करने की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों को गंभीरता से समझने और जरूरत पड़ने पर उनका सही उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ. अरुण देव सिंह, प्रो. अनूप शर्मा, डॉ. मुनीषा देवी, रोशन लाल शर्मा, प्रो. मनु सैनी, डॉ. रिम्मी वर्मा और प्रो. सुमन सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

