किश्तवाड़ जिले के चशोती में एक साल पहले बादल फटने की त्रासदी में तीर्थयात्रियों को बचाते हुए शहीद हुए अपने जवानों को सीआईएसएफ ने दी श्रद्धांजलि
जम्मू, 14 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती में एक साल पहले बादल फटने की त्रासदी में तीर्थयात्रियों को बचाते हुए शहीद हुए अपने जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सीआईएसएफ ने हेड कांस्टेबल एम.के. बिस्वाल, आनंद कुमार और कांस्टेबल संजय कुमार मुर्मू को याद किया जिनकी बहादुरी और निस्वार्थ सेवा ने 14 अगस्त, 2025 को चशोती में बादल फटने के दौरान कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान गंवाने से पहले कई अनमोल जिंदगियां बचाईं।
सीआईएसएफ ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भयंकर खतरे का सामना करते हुए भी उन्होंने स्वयं से ऊपर कर्तव्य को चुना और अनगिनत जिंदगियां बचाईं और फिर अपनी जान दे दी।
14 अगस्त, 2025 को किश्तवाड़ जिले के मचैल माता मंदिर के प्रवेश द्वार चशोती गांव में बादल फटने से 65 लोगों की जान चली गई थी जिनमें ज्यादातर तीर्थयात्री थे जबकि 30 से अधिक लोग लापता हो गए।
सीआईएसएफ ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए संदेश दिया स्वार्थ से पहले सेवा।
सीआईएसएफ ने कहा कि तीनों जवानों का साहस, निस्वार्थ सेवा और दूसरों की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता बल के प्रत्येक सदस्य और राष्ट्र के लिए शाश्वत प्रेरणा बनी रहेगी।
सीआईएसएफ ने कहा कि एक साल बीत गया है लेकिन हमारे बहादुर जवानों का साहस और बलिदान राष्ट्र के हृदय में हमेशा के लिए अंकित रहेगा। उनके साहस और बलिदान की विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

