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मुख्य सचिव ने आईएफएडी परियोजना साझेदारों के शिक्षण मंच 2026 का किया उद्घाटन

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मुख्य सचिव ने आईएफएडी परियोजना साझेदारों के शिक्षण मंच 2026 का किया उद्घाटन


श्रीनगर, 6 अगस्त(हि.स.)। कृषि उत्पादन विभाग के अंतर्गत मिशन निदेशालय जम्मू और कश्मीर प्रतिस्पर्धात्मकता सुधार परियोजना /समग्र कृषि विकास कार्यक्रम द्वारा आयोजित दो दिवसीय आईएफएडी परियोजना साझेदारों के शिक्षण मंच 2026 का आज श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में शुभारंभ हुआ।

महिला किसानों के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष का उत्सव महिलाओं का सशक्तिकरण, कृषि का रूपांतरण विषय पर केंद्रित इस शिक्षण मंच में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (आईएफएडी) के प्रतिनिधि, भारत भर में आईएफएडी समर्थित परियोजनाओं के परियोजना निदेशक, विकास पेशेवर, किसान उत्पादक संगठन , उद्यमी और अन्य हितधारक समावेशी और सतत कृषि विकास की दिशा में अभिनव दृष्टिकोणों पर विचार-विमर्श करने के लिए उपस्थित हुए।

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने की जिन्होंने औपचारिक रूप से शिक्षण मंच का उद्घाटन किया और सभा को संबोधित किया।

अपने मुख्य भाषण में मुख्य सचिव ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने में प्रौद्योगिकी, नवाचार और संस्थागत समन्वय की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने लचीली और बाजार-उन्मुख कृषि प्रणालियों के निर्माण के लिए सरकारी संस्थानों, विकास भागीदारों और किसान समुदायों के बीच अधिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

अटल दुल्लू ने ग्रामीण परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में महिला किसानों के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण और उद्यमिता के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

सभा को एसकेयूएएसटी-कश्मीर के कुलपति प्रोफेसर नज़ीर अहमद गनी ने भी संबोधित किया जिन्होंने कृषि उत्पादकता और स्थिरता बढ़ाने में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक हस्तक्षेपों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने आधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने में तेजी लाने और ग्रामीण आजीविका में सुधार के लिए अनुसंधान संस्थानों, विस्तार एजेंसियों और किसानों के बीच मजबूत संबंधों के महत्व पर बल दिया।

इससे पहले, एचएडीपी जेकेसीआईपी के मिशन निदेशक डॉ. सागर डी. दत्तात्रेय ने लर्निंग फोरम के उद्देश्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में संस्थागत प्रणालियों को सुदृढ़ करने डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने किसान उत्पादक संगठनों का समर्थन करने, कृषि स्टार्टअप को पोषित करने और स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने में जेकेसीआईपी के तहत हासिल की गई महत्वपूर्ण प्रगति पर प्रकाश डाला।

आईएफएडी इंडिया के कंट्री डायरेक्टर जेम्स मार्क डी सूसा-शील्ड्स ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया और साझेदारी, नवाचार और ज्ञान साझाकरण के माध्यम से समावेशी ग्रामीण परिवर्तन का समर्थन करने के लिए आईएफएडी की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने एक मजबूत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र और समुदाय-संचालित कार्यान्वयन मॉडल स्थापित करने में जेकेसीआईपी द्वारा की गई प्रगति की सराहना की।

उद्घाटन सत्र का एक प्रमुख आकर्षण जेकेसीआईपी के तहत तीन प्रमुख ज्ञान और डिजिटल पहलों का शुभारंभ था। गणमान्य व्यक्तियों ने जेकेसीआईपी पल्स के चौथे अंक का अनावरण किया जो परियोजना का त्रैमासिक ज्ञान समाचार पत्र है जिसमें नवाचारों, जमीनी अनुभवों और संस्थागत शिक्षा का दस्तावेजीकरण किया गया है।

उन्होंने जेकेसीआईपी वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 भी जारी की जिसमें परियोजना के कार्यान्वयन के पहले पूर्ण वर्ष के दौरान हासिल की गई उपलब्धियों को दर्शाया गया है।

इस अवसर पर कृषि मित्र एआई का भी शुभारंभ हुआ जो जम्मू-कश्मीर सरकार के डिजिटल इकोसिस्टम के माध्यम से किसानों को बुद्धिमान, व्यक्तिगत और डेटा-आधारित परामर्श सेवाएं प्रदान करने के लिए विकसित एक एआई-संचालित फसल परामर्श और पत्ती निदान मंच है।

हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता