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पंजाबी और गोजरी को आधिकारिक भाषा का दर्जा देने के आश्वासन का भल्ला ने किया स्वागत

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जम्मू, 15 अक्टूबर (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला ने पंजाबी और गोजरी को केंद्र शासित प्रदेश की आधिकारिक भाषाओं में शामिल करने के सरकार के लिखित आश्वासन का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भाषाई विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

भल्ला ने कहा कि पंजाबी भाषा का जम्मू-कश्मीर में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है तथा इसे आधिकारिक मान्यता देने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि इतिहास, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण जरिया है। गोजरी को भी पंजाबी के साथ मान्यता देने से विभिन्न समुदायों की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान मिलेगा।

उन्होंने कहा कि आधिकारिक मान्यता के साथ इन भाषाओं को शिक्षा, साहित्य, प्रकाशन और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए ताकि युवा पीढ़ी अपनी मातृभाषाओं से जुड़ी रहे। भल्ला ने उम्मीद जताई कि सरकार अपने लिखित आश्वासन को जल्द विधायी कार्रवाई में बदलकर पंजाबी और गोजरी को आधिकारिक दर्जा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की सभी क्षेत्रीय भाषाओं का संरक्षण साझा जिम्मेदारी है और प्रत्येक समुदाय की भाषाई पहचान को उचित सम्मान मिलना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा