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जम्मू-कश्मीर सरकार ने पात्र उद्योगों को टैक्स रिफंड क्लेम जमा करने के लिए दो महीने की अतिरिक्त मोहलत दी

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जम्मू,, 15 अक्टूबर (हि.स.)।

जम्मू-कश्मीर सरकार के वित्त विभाग द्वारा औद्योगिक इकाइयों को राहत देने के लिए जारी किए गए नए आदेशों का बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने स्वागत किया है। सरकार ने 15 अक्टूबर 2026 को एसओ-267, एसओ-268 और एसओ-269 जारी कर लंबित टैक्स रिफंड क्लेम जमा करने की समयसीमा में छूट देने और नेगेटिव लिस्ट में संशोधन का प्रावधान किया है।

फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज जम्मू के चेयरमैन तरुण सिंगला ने इन फैसलों के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी, वित्त विभाग के वित्त आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेंद्र कुमार तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव का आभार व्यक्त किया।

तरुण सिंगला ने बताया कि बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन लंबे समय से औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं को सरकार के समक्ष उठा रही थी। विशेष रूप से निर्धारित समयसीमा के भीतर टैक्स रिफंड क्लेम जमा नहीं कर पाने वाली इकाइयों को राहत देने और नेगेटिव लिस्ट में आवश्यक बदलाव करने की मांग की जा रही थी।

नए आदेशों के तहत पात्र औद्योगिक इकाइयों को लंबित टैक्स रिफंड क्लेम जमा करने के लिए दो महीने का अतिरिक्त अवसर दिया गया है। हालांकि यह राहत निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन होगी।

इसके अलावा सरकार ने खाद्य तेल उद्योगों से संबंधित नेगेटिव लिस्ट में भी संशोधन किया है।

तरुण सिंगला ने कहा कि सरकार के इन फैसलों से पात्र औद्योगिक इकाइयों को राहत मिलेगी और जम्मू-कश्मीर में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों का विश्वास मजबूत होगा।

उन्होंने सरकार से मांग की कि जम्मू-कश्मीर के मौजूदा और नए उद्योगों के लिए जल्द एक व्यापक औद्योगिक नीति घोषित की जाए। उन्होंने कहा कि नए निवेश को आकर्षित करना जरूरी है लेकिन पहले से स्थापित उद्योगों की सुरक्षा, आधुनिकीकरण, विस्तार और आर्थिक स्थिरता को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।

सिंगला ने कहा कि मौजूदा औद्योगिक इकाइयों ने अनेक चुनौतियों के बावजूद रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसलिए नई औद्योगिक नीति में उनकी समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता से होना चाहिए।

उन्होंने ‘नए उद्योगों का स्वागत व मौजूदा उद्योगों का संरक्षण’ का संदेश देते हुए कहा कि नए और पुराने उद्योगों का एक साथ विकास ही जम्मू-कश्मीर को निवेश और उद्योगों के लिए बेहतर स्थान बना सकता है।

तरुण सिंगला ने उम्मीद जताई कि आगामी औद्योगिक नीति में वित्तीय प्रोत्साहन, माल ढुलाई की अतिरिक्त लागत, कार्यशील पूंजी के लिए सहायता, स्थानीय खरीद को प्राथमिकता और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा जैसे लंबे समय से लंबित मुद्दों को शामिल किया जाएगा।

बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक विकास, रोजगार के अवसर बढ़ाने और आर्थिक समृद्धि के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता