विधानसभा को 5 अगस्त 2019 की घटनाओं की निंदा करनी चाहिए- पारा
श्रीनगर, 28 सितंबर (हि.स.)। पीडीपी विधायक वहीद पारा ने सोमवार को सरकार से विधानसभा प्रस्ताव में अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली का स्पष्ट रूप से उल्लेख करने का आग्रह किया और कहा कि विधानसभा को 5 अगस्त 2019 की घटनाओं की निंदा भी करनी चाहिए।
पारा ने विधानसभा में बहस के दौरान कहा कहा कि कुछ ऐसे हित हैं जिन पर हम सभी सहमत हैं। चाहे हम अलग-अलग दलों के हों लेकिन हमारे साझा हित, चाहे व्यापार हो या कारोबार, अनुच्छेद 370 की वापसी और अनुच्छेद 35ए की वापसी।
इस मुद्दे पर बार-बार लाए जा रहे प्रस्तावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि आज आप जो नया प्रस्ताव ला रहे हैं—आखिर कितने प्रस्तावों के बाद कोई समाधान निकलेगा? पारा ने कहा कि विधानसभा को जम्मू-कश्मीर की जनता की इच्छाओं को प्रतिबिंबित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर के लोग अनुच्छेद 370 चाहते हैं, अनुच्छेद 35ए चाहते हैं, वे इसे हटाना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि वे अनुच्छेद 370 लिखने में झिझकते हैं। वे अनुच्छेद 35ए लिखने में भी झिझकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कम से कम अपना रुख स्पष्ट रूप से दर्ज कर सकती है भले ही वह तुरंत प्रावधानों को बहाल न कर सके। उन्होंने कहा कि हम लोगों को ज्यादा राहत नहीं दे सकते लेकिन हम तथ्यों को सही कर सकते हैं।
पारा ने कहा कि हम इतिहास की निंदा कर सकते हैं, हम जो हुआ उसकी निंदा कर सकते हैं और हम कह सकते हैं कि प्रस्ताव अनुच्छेद 370 में संशोधन चाहता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

