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वेद ज्ञान और संस्कारों से ही बनेगा श्रेष्ठ समाज-गायत्री देवी जी

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वेद ज्ञान और संस्कारों से ही बनेगा श्रेष्ठ समाज-गायत्री देवी जी


कठुआ, 06 अगस्त (हि.स.)। आर्य समाज मंदिर कठुआ में आयोजित 28वें अमृत कथा समारोह के तीसरे दिन वैदिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में श्रद्धालुओं ने कथा का लाभ प्राप्त किया।

कथा वाचक पूजनीय सुश्री गायत्री देवी जी ने वेद ज्ञान, वैदिक जीवन पद्धति, गृहस्थ धर्म, संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारियों पर प्रेरणादायी विचार रखे।

उन्होंने कहा कि परिवार समाज की मूल इकाई है और प्रेम, अनुशासन, संवाद तथा अच्छे संस्कारों से ही परिवार मजबूत बनता है। उन्होंने माता-पिता से आह्वान किया कि वे बच्चों को केवल सुविधाएं ही नहीं बल्कि अपना समय और मार्गदर्शन भी दें। युवा पीढ़ी को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण है।

गायत्री देवी जी ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना समाज की जिम्मेदारी है। वैदिक विचारधारा और श्रेष्ठ संस्कारों के माध्यम से ही स्वस्थ एवं संस्कारित समाज का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा जम्मू-कश्मीर के महासचिव गोपाल महाजन उपस्थित रहे। उन्होंने अमृत कथा में दिए जा रहे वेद ज्ञान और सामाजिक संदेशों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और संस्कारों को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर आर्य समाज कठुआ के प्रधान बिशन भारती, मिनर्वा पब्लिक स्कूल के चेयरमैन मही पाल शर्मा, उद्योगपति बिट्टू बावा, भाजपा सिटी मंडल अध्यक्ष राहुल देव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आर्य समाज कठुआ के प्रधान बिशन भारती ने सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अमृत कथा का उद्देश्य वेदों के ज्ञान, सत्य, सदाचार और सामाजिक सुधार के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया