अल्ताफ़ बुख़ारी ने सरकार पर निशाना साधा, सिर्फ़ पर्यटन से हमारा पेट नहीं भरेगा
श्रीनगर, 10 जुलाई (हि.स.)। पीपल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर सरकार पर बुनियादी ढांचे के बजाय पर्यटन को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूरी कश्मीर घाटी में विकास कार्य लगभग ठप हो गए हैं।
बुखारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सिर्फ़ पर्यटन से हमारा पेट नहीं भरेगा। यह ज़रूरी तो है लेकिन यही एकमात्र ज़रूरी चीज़ नहीं है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सड़कों, अस्पतालों और दूसरे पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी उतना ही ध्यान देने की ज़रूरत है। यह दावा करते हुए कि कश्मीर में निर्माण कार्य के लिए मिलने वाले छह महीनों के मौसम का आधे से ज़्यादा समय बिना किसी खास काम के बीत चुका है बुखारी ने आरोप लगाया कि घाटी में विकास को रोकने के लिए एक सोची-समझी साज़िश रची गई है। उन्होंने कहा कि सड़कें खराब हालत में हैं और हड़ताल कर रहे ठेकेदारों से बातचीत न करने के लिए सरकार की आलोचना की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण का कच्चा माल बाहरी कंपनियों को लीज़ पर दे दिया गया है, जिससे स्थानीय ठेकेदारों को उन्हें ज़्यादा कीमतों पर खरीदना पड़ रहा है और उन्हें कम रियायतें मिल रही हैं।
बुखारी ने कहा कि बिटुमेन की बढ़ती कीमतों और 2016 से किए गए कामों के लिए बकाया पेमेंट ने लोकल कॉन्ट्रैक्टरों की कमर तोड़ दी है जिससे उनके लिए नए टेंडर में हिस्सा लेना मुश्किल हो गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने कॉन्ट्रैक्टरों के लिए कंस्ट्रक्शन प्लांट और मशीनरी का मालिक होना ज़रूरी बनाने वाली शर्तों को हटाकर क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को कमज़ोर कर दिया है। प्रशासन से अपील करते हुए कि हर प्रशासनिक नाकामी के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी को ज़िम्मेदार न ठहराया जाए बुखारी ने कहा कि सरकार को उन अधिकारों का पूरा इस्तेमाल करना चाहिए जो उसके पास पहले से हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आप मुख्यमंत्री हैं काम करके दिखाना आपकी ज़िम्मेदारी है। बुखारी ने डेवलपमेंट फंड के इस्तेमाल पर एक 'व्हाइट पेपर' की भी मांग की और दावा किया कि पिछले साल 7,000 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट्स पर तेज़ी से काम सिर्फ़ कुछ खास इलाकों में ही हुआ, जबकि श्रीनगर, बारामूला, सोपोर, अनंतनाग और शोपियां में सड़कें और पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर नज़रअंदाज़ किए गए। उन्होंने सरकार से तुरंत डेवलपमेंट के काम फिर से शुरू करने की अपील की और कहा कि खराब होती सड़कें, बढ़ता ट्रैफिक जाम और रुके हुए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स प्लानिंग और उसे लागू करने में कमी को दिखाते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

