क्या 80 वर्षों के बाद हमने संविधान में परिकल्पित भारत के सपने को साकार किया है-महबूबा
श्रीनगर, 15 अगस्त (हि.स.)। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार से इस बात पर विचार करने का आह्वान किया कि क्या भारत वास्तव में संविधान में उल्लिखित सिद्धांतों का पालन करता है।
महबूबा ने श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने के बाद पत्रकारों से कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार को सोचना चाहिए कि क्या 80 वर्षों के बाद हमने संविधान में परिकल्पित भारत के सपने को साकार किया है। उनकी यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस अनुरोध के जवाब में आई है जिसमें उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद और राज्य विधानसभाओं में महिला आरक्षण के कार्यान्वयन का समर्थन करने का आग्रह किया था लेकिन इसे राजनीतिक लड़ाई में बदलने से बचने के लिए कहा था।
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि महिला आरक्षण विधेयक संसद द्वारा 2023 में पहले ही पारित किया जा चुका है और कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका है इसे केवल लागू करने की आवश्यकता है। महबूबा ने आगे कहा कि देश के संस्थापकों ने एक ऐसे भारत की कल्पना की थी जहाँ व्यक्तियों को अपने पहनावे और भोजन को चुनने की स्वतंत्रता हो।
उन्होंने कहा कि बी आर अंबेडकर द्वारा तत्कालीन कांग्रेस नेताओं के परामर्श से तैयार किए गए संविधान में जाति, धर्म या रंग के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव का प्रावधान नहीं है। यह सभी के लिए न्याय भी सुनिश्चित करता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

