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एसीबी ने अभिरक्षित भूमि घोटाले का नया मामला उजागर किया, जम्मू में 3 और एफआईआर दर्ज

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जम्मू, 24 अप्रैल (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने जम्मू जिले में अभिरक्षित भूमि से जुड़े एक और बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है।

जारी एक बयान में प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो ने जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर एक बड़े भूमि घोटाले का पर्दाफाश करते हुए सफलता हासिल की है। इस घोटाले में पता चला है कि जम्मू जिले के असरवान, मिश्रीवाला, भलवाल और आर.एस.पुरा क्षेत्र में अभिरक्षित भूमि पर भूमि माफिया ने फॉर्म एएलएफ धारकों और अभिरक्षित/राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत से कब्जा कर लिया था। उन्होंने कहा कि सूचना मिली थी कि असरवान, मिश्रीवाला, भलवाल और आर.एस.पुरा में स्थित हजारों कनाल अभिरक्षित भूमि पर कब्जा किया गया था। जम्मू के आर.एस. पुरा इलाके पर राजस्व अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत से भू-हड़पने वालों/गुंडों ने धोखाधड़ी से कब्जा कर लिया है। राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी की गई है और जमीन विभिन्न व्यक्तियों को बेच दी गई है।

एसीबी को प्राप्त सूचनाओं के आधार पर सत्यापन शुरू किया गया और पहले किए गए सत्यापन के आधार पर यह पाया गया कि 1000 कनाल से अधिक संरक्षक भूमि फर्जी आदेशों के आधार पर विस्थापित व्यक्तियों को आवंटित दिखाई गई थी जो अन्यथा राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों और अन्य लोगों की मिलीभगत से भू-हड़पने वालों/फॉर्म अलाफ धारकों द्वारा धोखाधड़ी के माध्यम से अतिरिक्त भूमि के आवंटन के हकदार नहीं थे।

तदनुसार एसीबी द्वारा 24 मामले दर्ज किए गए हैं जिनकी जांच अभी जारी है। सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि पाकिस्तान से विस्थापित व्यक्तियों (पीएके/पीओके शरणार्थियों) को पहले ही उनके नाम पर भूमि आवंटित की जा चुकी थी लेकिन फिर भी इन परिवारों के सगे-संबंधियों ने फॉर्म अलाफ धारक होने के बावजूद संबंधित पटवारियों/गिरदावरों/नायब तहसीलदारों/राजस्व विभाग के तहसीलदारों की मिलीभगत से जम्मू जिले के आर.एस. पुरा और डोमाना क्षेत्र में अतिरिक्त भूमि का म्यूटेशन अपने नाम पर करवा लिया या तो बिना किसी सरकारी/अनंतिम पुनर्वास कार्यालय (पीआरओ) के आदेश के या फर्जी सरकारी/पीआरओ आदेश पर, प्रवक्ता ने कहा।

उन्होंने आगे कहा कि सत्यापन के दौरान यह भी पाया गया कि पीआरओ कार्यालय द्वारा भूमि आवंटन के ऐसे कोई आदेश जारी नहीं किए गए थे। इन व्यक्तियों ने अपने नाम पर भूमि का म्यूटेशन करवाने के बाद धोखाधड़ी के माध्यम से उक्त भूमि को सीधे या अपने अटॉर्नी धारकों/मध्यस्थों के माध्यम से विभिन्न व्यक्तियों को बेच दिया जिससे सरकार को भारी नुकसान हुआ। राजकोष.आपराधिक तत्वों/भूमि हड़पने वालों/फॉर्म अलाफ धारकों और राजस्व अधिकारियों/कर्मचारियों के बीच धोखाधड़ी के माध्यम से लगभग 20 कनाल 9 मरला अभिरक्षित भूमि के हस्तांतरण में प्रथम दृष्टया सांठगांठ स्थापित होने के कारण एसीबी ने अब जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और जालसाजी के प्रावधानों के तहत गहन जांच के लिए पी/एस एसीबी सेंट्रल जम्मू-कश्मीर में 3 और औपचारिक एफआईआर दर्ज की हैं, जिनके नाम हैं मवारयाम सिंह पुत्र शालो राम निवासी ग्राम कोटली भगवान सिंह (कुट्टू चक) तहसील आर.एस.पुरा जिला जम्मू, तत्कालीन पटवारी, बालक राम पुत्र स्वर्गीय बूटी राम निवासी ग्राम टूटरे तहसील आर.एस.पुरा जम्मू, तत्कालीन नायब तहसीलदार, मोहन सिंह पुत्र भगवान सिंह निवासी नानक नगर जम्मू, प्रेम सिंह पुत्र चूरू राम निवासी बग्गन तहसील बिलावर कठुआ, तत्कालीन पटवारी, भरत बुशन मेहरा पुत्र हरबंस लाल निवासी मामका थाना आर.एस.पुरा, जम्मू, राहुल काई पुत्र स्व. दीप राज निवासी मकान नं. 39, न्यू कंपनी बाग कैनाल रोड, जम्मू, तत्कालीन पटवारी, साकिब सलीम पुत्र स्व. सलीम अहमद निवासी 54 मझीर थाना मंडी राजौरी तत्कालीन तहसीलदार, सतपाल पुत्र स्व. नानक चंद निवासी गाडी गढ़, जम्मू और अन्य।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता