एसीबी ने रिश्वतखोरी मामले में पटवारी को दोषी ठहराया, दूसरे के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल
श्रीनगर, 16 मार्च (हि.स.)। भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को बताया कि श्रीनगर स्थित भ्रष्टाचार विरोधी विशेष न्यायाधीश न्यायालय ने रिश्वतखोरी के एक मामले में एक पटवारी को दोषी ठहराया है जबकि उधमपुर में एक अलग मामले में एक अन्य पटवारी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है।
एक बयान में प्रवक्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार से लड़ने की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया है। श्रीनगर स्थित भ्रष्टाचार विरोधी न्यायालय के माननीय विशेष न्यायाधीश डॉ. तस्लीम आरिफ गनी ने कुलगाम के अर्रेह मोहनपोरा निवासी अब्दुल वहाब डार के पुत्र बशीर अहमद डार को एफआईआर संख्या 03/2012 पीएस वीओके (अब एसीबी) के तहत दर्ज रिश्वतखोरी के मामले में दोषी ठहराया है। उन्होंने बताया कि आरोपी जो उस समय गिरदावर के पद पर कार्यरत था को जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 5(2) और 5(1)(डी) तथा धारा 161 आरपीसी के तहत दोषी पाया गया है। उस पर 36 कनाल और 12 मरला भूमि के इंतखाब के बदले शिकायतकर्ता से 1,000 रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने का आरोप है। उन्होंने कहा कि 9 फरवरी 2012 को दर्ज शिकायत के बाद, कश्मीर सतर्कता संगठन (अब भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो) द्वारा सफलतापूर्वक जाल बिछाया गया जिसके दौरान आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। विस्तृत जांच के बाद 2 फरवरी 2013 को आरोपपत्र दाखिल किया गया और मामला न्यायिक निर्णय के लिए आगे बढ़ा। उन्होंने कहा कि 16 मार्च, 2026 को माननीय न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 5(2) और 5(1)(घ) के तहत दो साल के साधारण कारावास और 10,000 रुपये के जुर्माने तथा धारा 161 आरपीसी के तहत दंडनीय अपराधों के लिए एक साल के साधारण कारावास और 5000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि यह दोषसिद्धि लोक सेवा में ईमानदारी और जवाबदेही को बनाए रखने के लिए भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो के निरंतर प्रयासों में एक और मील का पत्थर है। उन्होंने आगे कहा कि एक अन्य मामले में भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो उधमपुर-रियासी ने एफआईआर संख्या 33/2017 पुलिस स्टेशन वीओजे (अब एसीबी) में जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, सं. 2006 की धारा 5(1)(घ) और 5(2) तथा आरपीसी की धारा 120 बी के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

