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बसोहली उत्सव में संस्कृति परंपरा और पर्यटन का संगम-जल क्रीड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन

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बसोहली उत्सव में संस्कृति परंपरा और पर्यटन का संगम-जल क्रीड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन


बसोहली, 20 अक्टूबर (हि.स.)। बसोहली उत्सव-2026 के तहत मंगलवार को विभिन्न सांस्कृतिक, धार्मिक और साहसिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ऐतिहासिक बासोहली की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित किया गया।

पुराने किले के पीछे स्थित पार्क में गीत गोविंद की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रही। इस कार्यक्रम में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की निदेशक श्रुति अवस्थी सहित कई विद्वानों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। वहीं मंडी मोहल्ला में पारंपरिक दम चोकड़ी कार्यक्रम ने स्थानीय संस्कृति और सामुदायिक एकता की झलक पेश की। इस दौरान कार्टून कार्यशाला भी आयोजित की गई। वाटर स्पोर्ट्स सेंटर में जल क्रीड़ा गतिविधियों ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में डीसी जीएसटी स्टेट टैक्स अजीत सिंह मुख्य अतिथि रहे। इस मौके पर एडीसी बसोहली पंकज भगोत्रा, बीबीडीए के सीईओ बीआर टंडन और विश्वासस्थली के अध्यक्ष जगदीश ब्रह्मी भी मौजूद रहे। इसके अलावा जम्मू क्लस्टर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने रानी तालाब में जसमा नाटक प्रस्तुत किया जबकि अटल सेतु पर पुरुषिणी आरती का आयोजन किया गया। डॉ. विकास पाधा ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली और बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया। उत्सव के इन आयोजनों ने बासोहली को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं को उजागर किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया