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8वें वेतन आयोग के साथ डेली वेजर्स को न्यूनतम वेतन, नियमितीकरण एवं लंबित वेतन का लाभ दिया जाए: सपना हिंदू

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जम्मू,, 06 जून (हि.स.)।

मूवमेंट कल्कि की महिला विंग की महासचिव सपना हिंदू ने जम्मू-कश्मीर सरकार तथा माननीय उपराज्यपाल प्रशासन से मांग की है कि प्रदेश में 8वें वेतन आयोग को लागू करने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत हजारों डेली वेजर्स, कैजुअल लेबरर्स और अस्थायी कर्मचारियों की वर्षों पुरानी समस्याओं का भी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार नियमित कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं में वृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है तो उन कर्मचारियों को भी न्याय मिलना चाहिए जो वर्षों से सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

सपना हिंदू ने कहा कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने से सरकारी कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी और उनकी क्रय शक्ति में वृद्धि होगी। यह एक स्वागत योग्य कदम है, लेकिन प्रदेश के हजारों डेली वेजर्स आज भी ऐसे हैं जो न्यूनतम वेतन, नौकरी की सुरक्षा और समय पर वेतन भुगतान जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि विकास और कर्मचारी कल्याण की बात तभी सार्थक होगी जब समाज के सबसे कमजोर और उपेक्षित श्रमिक वर्ग को भी समान महत्व दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महंगाई लगातार बढ़ रही है। घरेलू गैस सिलेंडर, खाद्य सामग्री, दूध, सब्जियां, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और परिवहन जैसी आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की कीमतों में निरंतर वृद्धि हुई है। ऐसे में सीमित आय पर कार्य कर रहे डेली वेजर्स के लिए अपने परिवार का भरण-पोषण करना अत्यंत कठिन हो गया है। कई कर्मचारी ऐसे हैं जो वर्षों से सरकार के लिए काम कर रहे हैं लेकिन आज भी उन्हें इतना वेतन नहीं मिल रहा जिससे वे सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।

सपना हिंदू ने मांग की कि जम्मू-कश्मीर सरकार सभी डेली वेजर्स पर तत्काल प्रभाव से न्यूनतम वेतन अधिनियम के प्रावधान लागू करे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को उसके श्रम के अनुरूप उचित और सम्मानजनक वेतन मिलना उसका अधिकार है। यदि न्यूनतम वेतन का प्रावधान अन्य क्षेत्रों में लागू हो सकता है तो सरकारी विभागों में कार्यरत डेली वेजर्स को इससे वंचित रखना उचित नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में हजारों कर्मचारी पिछले कई वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से अनेक कर्मचारी एक दशक से भी अधिक समय से कार्यरत हैं, लेकिन आज तक उनके नियमितीकरण का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। सरकार को ऐसे कर्मचारियों के लिए एक पारदर्शी, न्यायसंगत और समयबद्ध नियमितीकरण नीति बनानी चाहिए। नियमितीकरण केवल नौकरी की सुरक्षा का विषय नहीं है बल्कि यह कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक भविष्य से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है।

सपना हिंदू ने यह भी कहा कि डेली वेजर्स की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक उनके लंबित वेतन का मुद्दा है। अनेक विभागों में कर्मचारियों का वेतन कई-कई महीनों तक लंबित रहता है जिसके कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। कई परिवार बच्चों की फीस जमा नहीं कर पाते, चिकित्सा खर्चों को पूरा नहीं कर पाते और दैनिक आवश्यकताओं के लिए भी संघर्ष करते हैं। ऐसे में सरकार को सभी विभागों में लंबित वेतन की स्थिति की समीक्षा कर तुरंत भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन देना केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि नैतिक दायित्व भी है। जो कर्मचारी प्रतिदिन अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें उनके परिश्रम का उचित प्रतिफल समय पर मिलना चाहिए। लंबे समय तक वेतन रोककर रखना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता।

सपना हिंदू ने माननीय उपराज्यपाल एवं जम्मू-कश्मीर सरकार से अपील करते हुए कहा कि 8वें वेतन आयोग के लाभों को केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित न रखा जाए बल्कि डेली वेजर्स और अस्थायी कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने मांग की कि डेली वेजर्स पर न्यूनतम वेतन अधिनियम लागू किया जाए, वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को नियमित किया जाए तथा सभी लंबित वेतन तुरंत जारी किए जाएं।

उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की सफलता उसके कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और समर्पण पर निर्भर करती है। यदि कर्मचारी आर्थिक और मानसिक रूप से सुरक्षित होंगे तो वे अधिक दक्षता और समर्पण के साथ कार्य कर पाएंगे। इसलिए सरकार को कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए उनके लंबे समय से लंबित मुद्दों का समाधान करना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता