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(अपडेट) कांग्रेस ने जम्मू में विरोध प्रदर्शन किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांगा इस्तीफा

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जम्मू, 09 मार्च (हि.स.)। कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने सोमवार को यहां अपने पार्टी मुख्यालय के बाहर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और अमेरिका के सामने 'घोर आत्मसमर्पण' करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग की। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा शीघ्र बहाल करने पर भी जोर दिया।

बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता रेजीडेंसी रोड के किनारे शहीदी चौक पर पार्टी मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में तैनात पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। महिलाओं सहित कार्यकर्ता, राज्य का दर्जा बहाल करो और हमारी रियासत हमारा हक लिखी तख्तियां लिए हुए थे और मोदी सरकार और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे भी लगा रहे थे।

केंद्र पर तीखा हमला करते हुए कर्रा ने आरोप लगाया कि प्रधान मंत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नष्ट कर दिया और उन संस्थानों को कमजोर कर दिया जो कभी देश की विदेश नीति को परिभाषित करते थे। उन्होंने आरोप लगाया भारत गुटनिरपेक्ष आंदोलन और सार्क जैसे क्षेत्रीय सहयोग मंचों का चैंपियन था लेकिन आज देश की छवि खराब हो गई है। प्रधान मंत्री के आचरण ने कार्यालय के सम्मान और गरिमा को कम कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वैश्विक शक्तियों के साथ व्यवहार में भारत के हितों से समझौता कर रही है।

उन्होंने कहा कि वे इस पर भी शर्तें तय कर रहे हैं कि भारत को रूस से तेल खरीदना चाहिए या नहीं। हमारे व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के बारे में ऐसे फैसले अन्य देशों द्वारा तय नहीं किए जा सकते। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री पर अंतरराष्ट्रीय सौदों में घोर आत्मसमर्पण करने का आरोप लगाया और पार्टी की मांग दोहराई कि मोदी पद छोड़ दें। कर्रा ने आरोप लगाया अमेरिका और इजराइल के पास मोदी के वीडियो हैं और वे उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। उन्होंने समझौता कर लिया है और उन्हें पद छोड़ना होगा।

विरोध प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने विरोध स्वरूप संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल के झंडों को भी आग लगा दी। कर्रा ने कहा कि पार्टी ने संसद के चालू बजट सत्र के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई थी, लेकिन आरोप लगाया कि पुलिस ने कश्मीर घाटी के कुछ जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी, जबकि श्रीनगर में भी एक साथ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों में कटौती करार देते हुए दावा किया कि घाटी के कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को या तो हिरासत में लिया गया या घर में नजरबंद कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि विरोध करने के हमारे संवैधानिक अधिकार को अनुमति नहीं दी जा रही है। यह लोकतंत्र नहीं बल्कि निरंकुशता और नाज़ी युग की प्रतिकृति है। कर्रा ने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की पार्टी की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करना हमारा घोषित रुख है और हम इसे दोहरा रहे हैं। हम किसी से भीख नहीं मांग रहे हैं और न ही कोई एहसान मांग रहे हैं। हमारी संवैधानिक गारंटी हमें बहाल की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य का दर्जा बहाल होने तक अपना संघर्ष जारी रखेगी। कांग्रेस नेता ने एलपीजी में बढ़ोतरी सहित बढ़ती कीमतों पर भी केंद्र की आलोचना की और कहा कि बढ़ोतरी से करोड़ों लोगों पर बोझ पड़ेगा और देश में आर्थिक स्थिति खराब हो जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह