आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका: रियासी में पुलिस ने पाकिस्तान में बैठे पांच आतंकी हैंडलर्स की प्रॉपर्टीज़ ज़ब्त कीं
रियासी, 30 जुलाई (हि.स.)।
आतंकी नेटवर्क को एक बड़ा झटका देते हुए रियासी पुलिस ने पाकिस्तान में बैठे पांच आतंकी हैंडलर्स की अचल संपत्तियों (ज़मीन-जायदाद) को ज़ब्त किया है। यह कार्रवाई पुलिस स्टेशन महोर में दर्ज एफआईआर नंबर 70/2024 की जांच के दौरान की गई। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और ईएंडईएमसीओ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई थी। ज़ब्ती की यह कार्रवाई महोर के एसडीपीओ पारुल भारद्वाज की अगुवाई वाली पुलिस टीम ने महोर पुलिस स्टेशन के एसएचओ, महोर के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट और स्थानीय गवाहों की मौजूदगी में की।
आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने और उनके लिए फंड जुटाने में इस्तेमाल होने वाली इन लोगों की अचल संपत्तियों को ज़ब्त किया गया।
इनमें अलाफ दीन पुत्र मीर बाज़ उर्फ मीर बाज निवासी शाजरू, तहसील महोर की 7 कनाल ज़मीन, गुलाम मोहम्मद उर्फ गामा पुत्र मोहम्मद यूसुफ निवासी शाजरू, महोर की 10 कनाल 11 मरला ज़मीन, मोहम्मद अशरफ पुत्र अब करीम निवासी चकरास मुलास महोर की 7 मरला ज़मीन, शब्बीर अहमद पुत्र मोहम्मद यूसुफ निवासी चकरास (जामसलान) महोर की 7 कनाल 03 मरला ज़मीन, बिहार दीन पुत्र अब्दुल सत्तार चोपन निवासी सिलधर की 8 कनाल 01 मरला ज़मीन शामिल है।
जांच के दौरान भरोसेमंद सबूतों से यह साबित हुआ कि ऊपर बताए गए आरोपी आतंकवादी ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भाग गए थे और अभी सीमा पार से टेरर हैंडलर के तौर पर काम कर रहे हैं। वे आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने, उनमें मदद करने और उनका तालमेल बिठाने का काम सक्रिय रूप से कर रहे हैं। जांच में यह भी पता चला कि इन संपत्तियों को बेचा या ट्रांसफर किया जा सकता था और उनसे मिलने वाली रकम का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को फंड करने और उन्हें जारी रखने के लिए किया जाना था। इन जानकारियों के आधार पर रियासी पुलिस ने जम्मू कश्मीर पुलिस मुख्यालय से ज़रूरी मंज़ूरी लेने के बाद 'गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 के संबंधित प्रावधानों के तहत इन संपत्तियों को ज़ब्त कर लिया ताकि टेरर फंडिंग के लिए इनके गलत इस्तेमाल को रोका जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

