बीजेपी का आक्रमक तेवर, ममता की मुश्किल बढ़ी
| Feb 16, 2021, 18:35 IST
राजनैतिक सियासत में सत्ता का फेरबदल होना एक मजबूत लोकतंत्र के लिए उपयोगी साबित होता है. जिस तरीके से एक देश के संसद में लोकसभा की सहभागिता और किसी भी पार्टी को लोकसभा में बहुमत सिद्ध करना बहुत ही कारगर होता है. उसी तरह से किसी भी राज्य की विधानसभा में किसी भी राजनैतिक पार्टी का बहुमत सिद्ध करना बहुत जरूरी होता है. वर्तमान समय को देखें तो लग रहा है कि इस बार बंगाल में ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. अभी हाल ही में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाला है, केंद्र की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी पूरे जोड़-तोड़ के साथ राजनीतिक अखाड़े में मौजूद है. मौजूदा सत्ताधारी राजनीतिक पार्टी टीएमसी को करारी शिकस्त देने के लिए अपने दांव पेंच खेल रही है. बात टीएमसी के राजनीतिक कैरियर की करें, तो बंगाल की सियासत में ममता बनर्जी की हुकूमत 2011 से बनी हुई है. लगातार 10 साल तक बंगाल की सियासत में हुकूमत जमाने वाली टीएमसी पार्टी का हाल 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की तबीयत कुछ सुस्त नजर आ रही है. मौजूदा समय में टीएमसी पार्टी के बहुत से दिग्गज कार्यकर्ता सरकार में मंत्रियों, विधायकों एवं पार्टी से खफा हो चुके हैं, जिसका लाभ बीजेपी को मिलना तय है. टीएमसी से नाराज पार्टी के लोग बीजेपी का दामन थामने के लिए पूरी तरीके से व्याकुल हैं. ऐसे में आने वाले वक्त में सत्ता का सिंहासन किसको नसीब होगा, इसका निर्धारण आने वाला चुनाव और चुनाव में सहभागिता रखने वाली जनता जनार्दन तय करेगी.

