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आज होगी दो ट्रेनों की टक्कर, रेलवे होगा जिम्मेदार

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आज होगी दो ट्रेनों की टक्कर, रेलवे होगा जिम्मेदार
भारतीय रेलवे के लिए आज का दिन नई इबारत लिखने वाला दिन है. आमतौर पर देखा जाता है कि ट्रेन हादसे अचानक होते हैं, लेकिन शुक्रवार को दो ट्रेनों की ऐसी भिड़ंत होगी, जिसकी स्क्रिप्ट पहले से लिखी जा चुकी है. गौरतलब है कि तेलंगाना के सिकंदराबाद में 2 ट्रेनों की अनूठी टक्कर होगी. जानकारी के लिए बता दूं कि पूरी स्पीड के साथ 2 ट्रेनों की टक्कर करवाई जाएगी. मिली जानकारी के अनुसार भिड़ने वाली एक ट्रेन में तो खुद रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव सवार होंगे. तो वहीं, दूसरी ट्रेन में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन समेत अन्य बड़े अधिकारी सवार होंगे. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सनतनगर-शंकरपल्ली खंड पर इस तकनीक के परीक्षण के साक्षी बनने के लिए सिकंदराबाद में मौजूद होंगे. भारतीय रेलवे के मुताबिक रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष 4 मार्च को होने वाले ट्रेन परीक्षण में भाग लेंगे. https://twitter.com/ShineSyamaladev/status/1499448094550683649

ट्रेन के देशी 'कवच' का होगा परीक्षण

दरअसल ट्रेनों के इस टक्कर के माध्यम से भारतीय रेलवे देशी तकनीक 'कवच' का परीक्षण करेगा. गौरतलब है कि 'कवच' ऐसी स्वदेश निर्मित तकनीक है, जिसके इस्तेमाल से 2 ट्रेनों की टक्कर नहीं होगी. ध्यातव्य है कि दुनिया में यह सबसे सस्ती तकनीक है. भारतीय रेलवे द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक 'जीरो ट्रेन एक्सीडेंट' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस कवच का विकास किया गया है. दरअसल यह भारत में विकसित स्वचलित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली है. कवच को एक ट्रेन को स्वत: रोकने के लिए बनाया गया है. 

प्रति किलोमीटर 50 लाख रुपये का खर्च

मीडिया सूत्रों को दिए गए जानकारी में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया जब डिजिटल सिस्टम को रेड सिग्नल या फिर किसी अन्य खराबी जैसी कोई मैन्युअल गलती दिखाई देती है, तो इस तकनीक के माध्यम से उस रास्ते से गुजरने वाली ट्रेन अपने आप रुक जाती है. रेलवे द्वारा इस तकनीक को लागू करने के बाद इसके संचालन में 50 लाख रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आएगा.